मायावती बनीं शोध विषय का हिस्सा
दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले नागेंद्र कुमार ने गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय से मायावती पर केंद्रित अपना शोध पूरा किया है। वह देविरया के कृषि इंटर कॉलेज में नागरिक शास्त्र के प्रवक्ता हैं।
अपने शोध पर कुमार ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा, "मैंने साढ़े तीन साल में अपना शोध कार्य पूरा किया। अभी मैं सिर्फ इतना ही बता सकता हूं कि शोध का मुख्य हिस्सा मायावती का जीवन है। मैंने उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला है।"
कुमार के मुताबिक शोध का बड़ा हिस्सा मायावती की सोशल इंजीनियरिंग पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, "शोध में मैंने इस पर जोर दिया कि मायावती ने खुद को सिर्फ दलितों तक ही सीमित न रखते हुए समाज के अन्य वर्गो में भी अपनी मजबूत पैठ बढ़ाई है।"
कुमार के मुताबिक इसका स्पष्ट उदाहरण वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में देखा जा सकता है, जब मायावती ने ब्राह्मण एवं अन्य वर्गो से हाथ मिलाकर सत्ता पर कब्जा किया।
कुमार कहते हैं कि उन्होंने शोध पूरा करने के लिए कई बार मायावती से मिलने की कोशिश की। उनके मुताबिक, "मैं तीन बार बहन जी से मिलने लखनऊ गया, लेकिन एक बार भी सफल नहीं हो पाया। उनकी व्यस्तता के कारण मुझ्झे उनसे मिलने की अनुमित नहीं मिली।"
कुमार कहते हैं कि शोध को पूरा करने में हालांकि बसपा नेताओं और मंत्रियों ने उनकी बहुत मदद की। वह कहते हैं, "हां, ये बात सच है कि मुझे बसपा सरकार के कई मंत्रियों की तरफ से बहुत सहयोग मिला।" उन्होंने इन मंत्रियों के नामों का खुलासा करने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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