प्रधानमंत्री की यात्रा पर केरल विधानसभा में हंगामा
इस मामले पर सदन में करीब एक घंटे तक चले आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बाद सत्ता पक्ष ने एक निंदा प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान हुई राज्य की अनदेखी की आलोचना की। इस दौरान समूचे विपक्ष ने इसके विरोध में सदन से बर्हिगमन किया।
पिछले सप्ताह तीन दिवसीय यात्रा पर प्रधानमंत्री केरल पहुंचे थे और इस दौरान मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन के प्रति जिस तरह का बर्ताव हुआ उसे लेकर सत्तारूढ़ वाम सरकार नाराज थी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ विधायक ए. आनंदन ने इस निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं हुआ। उनके इस दावे पर विपक्षी सदस्यों को आपत्ति हुई और वे इसका विरोध करते हुए सदन के बीचोंबीच पहुंच गए।
मामले में मुख्यमंत्री के जवाब के बाद तो सदन में स्थितियां नियंत्रण से बाहर हो गईं। अच्युतानंदन ने कहा, "सिंह की यात्रा के दौरान राज्य की अनदेखी हुई है। वैलारपाडोम में ट्रांशिपमेंट टर्मिनल (आईसीटीटी) के उद्घाटन के अवसर पर जारी विज्ञापन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व केंद्र सरकार में नवनियुक्त राज्य मंत्री के.सी. वेणुगोपाल की तस्वीरें प्रकाशित की गईं लेकिन राज्यपाल या मुख्यमंत्री की तस्वीर नहीं थी। यह उद्घाटन केरल में हुआ था न कि अरब सागर में।"
इस पर विपक्ष के नेता ओमन चांडी ने मामले में प्रधानमंत्री का नाम लिए जाने को पूरी तरह से गलत ठहराते हुए सम्पूर्ण विपक्ष के साथ सदन से बर्हिगमन किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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