धन बरामदगी मामले में करमापा को क्लीन-चिट नहीं : धूमल (लीड-1)
धूमल ने साथ ही यह भी कहा कि राज्य सरकार ने करमापा पर किसी तरह का आरोप भी नहीं लगाया है। उल्लेखनीय है कि करमापा के मठ से बीते माह तकरीबन सात करोड़ रुपये की भारतीय और विदेशी मुद्राएं बरामद हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में जांच अभी भी जारी है।
धूमल का यह बयान राज्य की मुख्य सचिव राजवंत संधू द्वारा करमापा को क्लीन-चिट दिए जाने की बात कहने के बाद आया है। संधू ने कहा था कि करमापा किसी तरह की वित्तीय अनियमितता में संलिप्त नहीं हैं।
धूमल ने शनिवार को धर्मशाला में पत्रकारों से कहा, "हमने न तो करमापा को दोषी ठहराया है और न ही उन्हें क्लीन-चिट दी है। इस मामले में जांच अभी भी जारी है। इस सम्बंध में केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रहा है। जैसे ही जांच पूरी होगी, हम इस सम्बंध में बयान जारी करने की स्थिति में होंगे।"
पुलिस ने 28 जनवरी को गुयुतो तांत्रिक विश्वविद्यालय एवं मठ में करमापा लामा के पास से भारी मात्रा में भारतीय और विदेशी मुद्राएं बरामद की थी। इसमें भारी मात्रा में चीनी मुद्रा भी शामिल हैं। यह स्थान धर्मशाला के करीब स्थित है।
संधू ने शुक्रवार को कहा था, "करमापा के किसी तरह के वित्तीय अनियमितता में संलिप्त होने के सबूत नहीं मिले हैं। हम यह मानने को मजबूर हैं कि उनके पास दान के रूप में विदेशी मुद्रा पहुंची है और करमापा का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
इस मामले में करमापा सहित कुल सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। इममें करमापा के सहयोगी रुबगी चोसांग भी शामिल हैं। पुलिस मानती है कि करमापा ने यह रकम धर्मशाला में अवैध तरीके से भूमि खरीदने के लिए जुटाई है। इस काम में शक्ति लामा उनकी मदद कर रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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