स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में अहम बदलाव

भारत में भी स्वास्थ्य बीना पोर्टेबिलिटी
मोबाइल के बाद अब भारत में स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी भी शुरू हो रही है.
अगर स्वास्थ्य बीमा धारक भी अपनी कंपनी के काम से संतुष्ट नहीं हैं तो वे वर्तमान शर्तों पर ही अपनी बीमा कंपनी बदल पाएँगे.
बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्राधिकरण ने स्वास्थ्य बीमा से जुड़े कई मुद्दों का अध्ययन करने के बाद यह आदेश जारी किया है जो एक जुलाई 2011 से लागू होगा.
इस व्यवस्था के अंतर्गत आने वाली बीमा कंपनियाँ कम से कम पूर्व बीमा पॉलिसी के बराबर कवर उपलब्ध कराएंगी.
इस सुविधा से उन बीमा धारकों को भी फ़ायदा होगा जो पहले से जारी बीमारियों का कवर न मिलने के डर के कारण पुरानी बीमा कंपनियो से जुड़े रहते थे.
उपभोक्ता संघों और पॉलिसी धारकों के बीमा क्षेत्र में पोर्टेबिलिटी शुरू किए जाने के आग्रह के बाद इरडा ने यह फ़ैसला किया है.
इस समय सिर्फ़ मोटर बीमा पॉलिसी के लिए ही पोर्टेबिलिटी की इजाज़त है.
नई व्यवस्था से देश के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने वाले लोगों को भी फ़ायदा होगा जो इस डर से पॉलिसी नहीं बदलते हैं कि कई इलाक़ों में दूसरी पॉलिसी वालों के दफ्तर नहीं होते हैं.
इसके अलावा नौकरी बदलने की स्थिति में भी उपभोक्ता का कवर समाप्त हो जाता है क्योंकि वह अपनी बीमा कंपनी बदलने की स्थिति में नहीं होते.
इरडा ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपनी विवरण पुस्तिका में प्रस्तावित परिवर्तनों की पूरी जानकारी दें.












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