मुबारक के पद छोड़ने पर विचार-विमर्श

मिस्र के प्रधानमंत्री अहमद शफ़ीक़ ने बीबीसी अरबी सेवा से बातचीत में कहा है कि राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के पद छोड़ने की संभावना पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. उन्होंने कहा है कि इस पर जल्दी ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
दूसरी ओर सत्तारुढ़ पार्टी के महासचिव ने बीबीसी को बताया है कि शायद आज रात राष्ट्रपति देश को संबोधित करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि मुबारक उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान को सत्ता सौंप दें.
इस बीच मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि मिस्र में चल रहे राष्ट्रपति विरोधी आंदोलनों के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया है और कई प्रदर्शनकारी लापता भी हैं.
मानवाधिकार कार्यकर्ता हेबा मोरायेफ़ ने बीबीसी को बताया है कि सैन्य पुलिस ने कई पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को भी गिरफ़्तार किया है.
उन्होंने बताया कि इन लोगों को अपने परिजनों से भी संपर्क नहीं करने दिया जा रहा है और कई प्रदर्शनकारी तो लापता हैं.
इस बीच राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ के इस्तीफ़े की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी अब भी डटे हुए हैं.
दूसरी ओर मिस्र के विदेश मंत्री अहमद अबुल ग़ेथ ने अमरीका की उस मांग को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उसने कहा था कि मिस्र सरकार दशकों पुराने आपातकाल क़ानून को हटा ले.
लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रवक्ता रॉबर्ट गिब्स का कहना है कि अगर सुधारों की गति तेज़ नहीं हुई तो प्रदर्शन और बढ़ते जाएँगे.
विदेश मंत्री का कहना है कि अमरीका की ये मांग सहायक नहीं है क्योंकि 17 हज़ार क़ैदी फ़रार हैं.
लेकिन काहिरा से बीबीसी संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि मिस्र के कई लोगों का मानना है कि सरकार ने छल करते हुए क़ैदियों को जान-बूझकर रिहा किया है.
इस बीच प्रदर्शनकारियों ने काहिरा में संसद भवन के बाहर भी अपना अड्डा बना लिया है. देश में कई स्थानों पर हड़ताल का आह्वान किया गया है और सरकार पर दबाव बढ़ रहा है.












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