मध्यपूर्व को लेकर चिंतित है ब्रिटेन

मध्यपूर्व को लेकर चिंतित है ब्रिटेन
विलियम हेग ने कहा है कि मध्य-पूर्व में शांति वार्ता के लिए समय महत्वपूर्ण हैब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने अरब देशों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि इससे मध्य-पूर्व की शांति वार्ता ख़तरे में पड़ सकती है.

उन्होंने इसराइल से और लचीला रुख़ अपनाने की अपील की है और कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो देर होने की वजह से ख़तरा बढ़ सकता है.विलियम हेग उत्तरी अफ़्रीका और मध्यपूर्व के उन देशों की यात्रा पर हैं जहाँ राजनीतिक सुधार की मांग उठी है.पिछले महीने ही ट्यूनिशिया में कई हफ़्ते चली सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति अल-अबीदीन बेन अली को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

उनके हटने से इसी तरह के विरोध प्रदर्शन दूसरी जगह भी शुरु हो गए, जिसमें सबसे बड़े पैमाने पर ये प्रदर्शन मिस्र में हो रहे हैं.यहाँ प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के इस्तीफ़े की मांग करते हुए पिछले पंद्रह दिनों से तहरीर चौक पर डटे हुए हैं.इसके अलावा जॉर्डन में ऐसे प्रदर्शन हुए हैं जहाँ शाह अब्दुल्लाह ने अपनी सरकार को बर्खास्त कर दिया है. यमन में हुए ऐसे प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह ने घोषणा की है कि वे वर्ष 2013 में होने वाले चुनाव में खड़े नहीं होंगे.

जॉर्डन से लौटते हुए विलियम हेग ने एक साक्षात्कार में भविष्य को लेकर चिंता जताई.उन्होंने कहा, "ट्यूनिशिया और मिस्र जैसे देशों के लिए आए अवसरों के बीच एक वाजिब डर है कि मध्य-पूर्व की शांति वार्ता अपनी गति खो देगी और हाशिए पर चली जाएगी. इसकी वजह से पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का वातावरण बन जाएगा."

उनका कहना है, "डर की एक वजह यह भी है कि इस अनिश्चितता और परिवर्तन के कारण शांति प्रक्रिया और जटिल हो जाएगी. इसका मतलब यह है कि यह इसराइल और अमरीका के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है."विलियम हेग ने इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की जिसमें उन्होंने कहा है कि इस अस्थिरता का परिणाम जो भी हो इसके बाद इसराइल की ताक़त बढ़ेगी.

काहिरा में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति को तत्काल हटाए जाने की मांग कर रहे हैंइस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विलियम हेग ने कहा, "यह ऐसी आक्रामक भाषा के प्रयोग का समय नहीं है."उन्होंने कहा, "अभी अगर कुछ नहीं किया गया तो कुछ वर्षों के बाद शांति प्रक्रिया असंभव हो जाएगी."

विदेश मंत्री हेग साथ यात्रा कर रहे बीबीसी के संवाददाता जेम्स रॉबिन्स का कहना है कि विदेशमंत्री हेग इसराइल और अमरीका दोनों के लिए कड़े शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं.उनका कहना है कि विलियम हेग का मानना है कि एक ओर तो इसराइल यरुशलम और आसपास की बसाहटों को लेकर कोई समझौता करने को तैयार नहीं है दूसरी ओर अमरीका इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच वार्ता के लिए कोई समय सीमा तय नहीं कर रहा है.बीबीसी संवाददाता का कहना है कि विलियम हेग जानबूझ कर सार्वजनिक तौर पर अपने आपको इसराइल और अमरीका से अलग कर रहे हैं.

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