खुद पर पड़े जूते से तिलमिलाये मुशर्रफ, कहा मार डालता उनको
लेकिन वो परवेज तक नहीं पहुंचा और मंच के पहले ही गिर पड़ा जियो न्यूज ने खबर दी है कि जूता श्रोताओं की पहली कतार में आकर गिर गया और मंच तक पहुंच ही नहीं सका।
इस घटना के फौरन बाद सुरक्षाकर्मी जूता उछालने वालों को पकड़कर सभास्थल से बाहर ले गए। साल 1999 में रक्तहीन क्रांति के जरिए पाकिस्तान की सत्ता पर काबिज होने वाले मुशर्रफ 2008 में पद से हट गए थे और उसके बाद से वह लंदन में ही रह रहे हैं।
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जूता उछालने वाले शख्सों ने अमेरिकी बंदी गृह में कैद आफिसा सिद्दिकी के समर्थन में नारे लगाए। आफिसा शिक्षित पाकिस्तानी महिला है और उसे अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की हत्या की कोशिश करने का दोषी ठहराया गया है।
मुंतजा अल जैदी नाम के एक इराकी पत्रकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की ओर जूता उछाला था। बाद में भारतीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम, पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की ओर जूता उछाला गया।
जूता फेंकने वाले एक शख्स ने कहा कि गार्ड ने उसकी पिटाई की है। शक जताया जा रहा है कि जूते फेंकने वाले दोनों शख्स ब्रिटेन में प्रतिबंधित अल मुहाजिरुन नाम के संगठन से जुड़े हुए हैं। इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए मुशर्रफ ने कहा कि अगर वे दोनों उनके करीब आए होते तो वह उन्हें थप्पड़ रसीद करते। और मारे बिना नहीं छोड़ेते। अपने भाषण के दौरान मुशर्फ ने पीएमएल-एन के नेताओं की जमकर आलोचना की।













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