भ्रष्ट्राचार से देश की छवि पर दाग : प्रधानमंत्री (लीड-1)
2जी स्पेक्टम घोटाले में संदिग्ध भूमिका को लेकर पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा की गिरफ्तारी के दो दिन बाद प्रधानमंत्री ने कहा, "भ्रष्टाचार सुशासन की जड़ पर प्रहार करता है। यह त्वरित विकास की दिशा में रुकावट है। यह सामाजिक समावेशिकरण के हमारे प्रयासों को बेअसर नहीं तो हल्का अवश्य करता है।"
राज्यों के मुख्य सचिवों के दूसरे सालाना सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, "इससे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में हमारी छवि को नुकसान पहुंचता है और अपने ही लोगों के बीच हमारी प्रतिष्ठा कम होती है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की चुनौती से "आमने-सामने, साहसिक और त्वरित ढंग से निपटने की जरूरत है।"
वर्ष 2008 में हुए 2जी दूरसंचार स्पेक्ट्रम लाइसेंसों के आवंटन, राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में अनियमितता और कारगिल शहीदों के परिजनों के लिए बने मुम्बई की हाउसिंग सोसायटी के अपार्टमेंट संभ्रांत वर्ग के लोगों को आवंटित किए जाने के कारण उनकी सरकार पर लगातार प्रहार होता रहा है।
गौरतलब है कि विपक्ष 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग कर रहा है।
मनमोहन सिंह ने अपने संबोधन में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के नेतृत्व में गठित मंत्री समूह का जिक्र किया।
उन्होंने न्यायपालिका की जवाबदेही और भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने वालों की हिफाजत से सम्बद्ध संसद में पेश किए गए दो विधेयकों का भी जिक्र करते हुए कहा, "हमने विपक्ष की चेतावनी के मद्देनजर उनकी मांग से सम्बंधित वैधानिक या प्रशासनिक सभी उपायों पर विचार के लिए मंत्री समूह का गठन किया है"।
उन्होंने कहा कि कानून के साथ-साथ प्रशासनिक पद्धतियों में जरूरी बदलाव और प्रक्रियाओं में तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के अवसरों में कमी लाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इसके प्रमाण हैं कि प्रतिस्पर्धा लाने, चुनने के व्यापक मौकों और आधुनिक तकनीक से भ्रष्टाचार से सार्थक ढंग से निपटा जा सकता है।"
वैयक्तिक, जनशिकायतों एवं पेंशन राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने दो दिवसीय सम्मेलन में दिए अपने संबोधन में जोर दिया कि सुशासन के लिए ढांचागत नीतियों की जरूरत है, जिनमें पारदर्शिता, विश्वसनीयता एवं एकता की अहम भूमिका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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