गली गली सिम सिम..बच्चों की उम्मीद! (आठवें पैरे में संशोधन के साथ पुन: प्रेेषित)
नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में मायापुरी के झुग्गी-झोपड़ी इलाके के एक बालवाड़ी केंद्र में पढ़ने वाली चार वर्षीय पलक साफ-सफाई को लेकर बेहद जागरूक और बुनियादी अक्षर ज्ञान से पूरी तरह परिचित है।
पलक अक्षर ज्ञान के साथ-साथ सफाई और खान-पान को लेकर भी बेहद सजग दिखती है। पलक की तरह ही झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले अन्य बहुत से बच्चे भी एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन द्वारा संचालित कार्यक्रम 'गली गली सिम सिम' से प्रभावित हैं।
गौरतलब है कि 'गली गली सिम सिम' कार्यक्रम टेलीविजन चैनल 'दूरदर्शन', 'पोगो' और 'कार्टून नेटवर्क' पर प्रसारित होता है, जिसमें बाल कार्टून चरित्र चमकी, गुगली और बूमम्बा कहानियों और पारम्परिक प्रतीकों के जरिए अक्षर ज्ञान के साथ साफ-सफाई और स्वास्थ्य के बारे में बच्चों को बताते हैं।
माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन 'गली गली सिम सिम' कार्यक्रम के तहत दिल्ली, मुम्बई और कोलकाता जैसे महानगरों में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले आर्थिक व सामजिक रूप से कमजोर बच्चों को 'एजुकेशन किट' मुहैया कराते हैं। किट में चित्र बने कागज के छोटे-छोटे टुकड़े और आकृतियां होती है, जिसे देखकर बच्चे आम दिनचर्या में सफाई को लेकर बरती जाने वाली तमाम सावधानियों को सीखते हैं।
दिल्ली की खजान बस्ती इलाके स्थित एक बालवाड़ी केंद्र में बालवाड़ी की कार्यकर्ता पूनम ने बताया, "मिले एजुकेशनल किट और गली गली सिम सिम के चरित्रों मसलन चमकी, गुगली से बच्चे तेजी से अक्षर और अंकों के बारे में सीखते हैं।"
उन्होंने बताया, "मैं किट में मिली शैक्षणिक सामग्रियों के इस्तेमाल से बड़ी सहजता और सरलता से बच्चों को अक्षरों या अंकों के बारे में बता पाती हूं। साथ ही इन छोटे-छोटे कागज के टुकड़ों से बच्चे जल्दी से पढ़ना सीख जाते हैं।"
बालवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों को 'गली गली सिम सिम' कार्यक्रम दिखाएं जाते हैं। इसके अलावा बायस्कोप के जरिए भी रोजमर्रा के जीवन में सफाई से जुड़ी गतिविधियों को लेकर बच्चों को बताया जाता है।
'गली गली सिम सिम' की मीडिया प्रबंधक मोना सिंह ने बताया, "शहरी इलाकों के झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में रहने वाले बच्चों के पास बुनियादी सुविधाओं का अभाव होता है। फिर भी 'गली गली सिम सिम' कार्यक्रम टीवी के जरिए दिखाया जाता है। इसके अलावा बच्चें को एजुकेशनल किट मुहैया कराए जाते हैं।"
उन्होंने बताया, "टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम 'गली गली सिम सिम' के अलावा हम बायस्कोप के जरिए भी बच्चों को रोजाना के जीवन में बरती जाने वाली साफ-सफाई के बारे में बताते हैं।"
सिंह ने बताया, "टेलीविजन पर इस कार्यक्रम को 1.1 करोड़ बच्चे देखते हैं। इसके अलावा इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल सहित कई राज्यों में भी संचालित किया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications