झालानाथ खनाल होंगे नेपाल के नए प्रधानमंत्री (राउंडअप)
खनाल का चुनाव संसद में मतदान के जरिए किया गया। वह नेपाली संसद में सबसे बड़ी पार्टी एमाले के नेता हैं। इससे पहले एकीकृत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने प्रधानमंत्री पद के चुनाव से खुद को अलग रखते हुए खनाल के प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
गुरुवार शाम हुए प्रधानमंत्री पद के चुनाव में खनाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों नेपाली कांग्रेस के रामचंद्र पौडेल और मधेशी जनाधिकार फोरम (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष बिजय कुमार गच्छादर को पराजित किया।
मतदान में खनाल को कुल 368 मत मिले। उन्हें स्पष्ट बहुमत इस कारण मिल पाया, क्योंकि माओवादी पार्टी के प्रमुख पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने अपनी दावेदारी वापस लेते हुए उन्हें समर्थन दिया।
खनाल के प्रतिद्वंद्वियों नेपाली कांग्रेस के रामचंद्र पौडेल को 122 और मधेशी जनाधिकार फोरम (लोकतांत्रिक) के बिजय कुमार गच्छादर को मात्र 67 मत मिले।
प्रचंड ने मतदान से पूर्व अंतिम क्षणों में सबको चौंकाते हुए खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से अलग कर लिया। उन्होंने दो वर्ष पहले अपनी सरकार के पतन के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था।
गुरुवार को नामांकन वापस लेते हुए प्रचंड ने कहा, "लोगों की परेशानी खत्म करने के लिए मैं अपना नामांकन वापस लेता हूं।" पूर्व क्रांतिकारी ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि इससे शांति प्रक्रिया शुरू होगी और इस प्रक्रिया से जो निष्कर्ष निकलेगा, उससे नए संविधान की रूपरेखा तैयार होगी।"
प्रचंड ने कहा कि मैं यह सोचते हुए बुधवार की रात सो नहीं पाया कि एक बार फिर प्रधानमंत्री पद का चुनाव निष्फल हो जाएगा। इसके लिए कई पार्टियों ने कुर्बानी दी है, लेकिन किसी ने भी माओवादियों को बचाने की जहमत नहीं उठाई।
नए प्रधानमंत्री 61 वर्षीय खनाल पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 90 दिनों के भीतर माओवादी गुरिल्ला सेना के लगभग 20,000 लड़ाकुओं के पुनर्वास की व्यवस्था करेगी।
खनाल का जन्म 2 मार्च, 1950 को इलाम में हुआ था। वह तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्हें 16 फरवरी, 2009 को हुए एमाले के आठवें महाधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष चुना गया था। वर्ष 2008 में हुए आम चुनाव में वह इलाम निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए थे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रधानमंत्री रहे माधव कुमार नेपाल ने पिछले वर्ष जून में ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन नया प्रधानमंत्री चुने जाने के 16 दौर निष्फल हो जाने के कारण वह अब तक पद पर बने हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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