भाजपा ने पूछा 'राजा' की बारात में और कौन-कौन?

अरुण जेटली ने कहा कि पंद्रह दिन पहले तक राजा के समर्थन में आए कपिल सिब्बल ने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन में कोई घाटा नहीं हुआ। अब पता चलेगा कि कितना हुआ।
जेटली ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दो ढाई साल तक आपने मामले को दबाए रखा। मीडिया और समाज की ओर से बढ़े दबाव के बाद आपने गिरफ्तार किया है, तो कोई बड़ी बात नहीं। गिरफ्तारी तो करनी ही थी। इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। रही बात जेपीसी की डिमांड की तो विपक्ष उस पर कायम रहेगा।
राजा की गिरफ्तारी के बाद भी भाजपा जेपीसी की मांग पर अड़ी हुई है। भाजपा की प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि संप्रग सरकार ने यह कदम देर से उठाया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भाजपा जेपीसी की मांग से पीछे हट जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक सरकार चुप क्यों बैठी हुई थी।
उधर कांग्रेस का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस व डीएमके के रिश्तों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस का कहना है कि राजा के खिलाफ सभी कार्रवाईयां कानून के तहत की जाएंगी।
संसद में बजट सत्र के पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले उठाया गया कदम अच्छा तो है, लेकिन क्या इससे जेपीसी की मांग खत्म हो जाएगी, या नहीं।












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