मुबारक ने कहा सितम्बर में पद छोड़ेंगे, विरोध प्रदर्शन जारी

काहिरा। मिस्र की राजधानी काहिरा में 10 लाख लोगों के प्रदर्शन 'मार्च ऑफ मिलियन' के बाद राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने घोषणा की है कि वह अगले कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति नहीं बनेंगे लेकिन उन्होंने कहा है कि वह सितम्बर तक इस पद पर बने रहेंगे।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक मंगलवार रात को टेलीविजन पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संदेश में 82 वर्षीय मुबारक ने कहा कि वह अगले कार्यकाल के लिए चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे और सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए सितम्बर तक पद पर बने रहेंगे।

उन्होंने कहा, "मेरी पहली जिम्मेदारी स्थिरता सुनिश्चित करना है और अगले कुछ महीनों में मैं देश की स्थिरता सुनिश्चित करने का काम करूंगा।"

राष्ट्रपति ने कहा कि अगले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए पात्रता तय करने के लिए संविधान में बदलाव की आवश्यकता है। मुबारक ने कहा, "मैं सैनिक हूं जिसने युद्ध और शांति के दौरान देश की सेवा की और मैं मिस्र की धरती पर ही मरूंगा।"

राष्ट्रपति ने यह घोषणा काहिरा के तहरीर चौक में दस लाख लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनसे पद छोड़ने की मांग किए जाने के बाद की है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे विपक्ष के नेता मोहम्मद अल बरदेई ने समाचार चैनल 'अल अरबिया' से कहा कि मुबारक वैधता खो चुके हैं इसलिए लोग अब उनका इस्तीफा चाहते हैं।

प्रदर्शनकारियों ने मुबारक की इस घोषणा को नामंजूर करते हुए काहिरा के तहरीर चौक पर प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। मुबारक की घोषणा के कुछ ही देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि मिस्र में लोकतांत्रिक बदलाव होना चाहिए और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया अभी शुरू हो। ओबामा ने चेतावनी दी कि आने वाले दिन मुश्किल भरे होंगे।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ओबामा ने कहा, "हम महान और अमेरिका के लम्बे अर्से से सहयोगी रहे देश के इतिहास में नए अध्याय की शुरूआत के गवाह बन रहे हैं।" ओबामा ने अपने दीर्घकालीन सहयोगी देश मिस्र और वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों की इच्छाओं का समर्थन जारी रखने की वकालत की।

मुबारक से फोन पर बातचीत पर टिप्पणी करते हुए ओबामा ने कहा कि मुबारक ने स्वीकार किया है कि मौजूदा स्थिति जारी नहीं रह सकती और बदलाव होना चाहिए। ओबामा ने कहा, "बदलाव अर्थपूर्ण होना चाहिए और यह शांतिपूर्ण होने के अलावा अभी से शुरू हो।"

मिस्र के लोगों को सम्बोधित करते हुए ओबामा ने कहा, "हमने आपकी आवाज सुनी है। हमारा विश्वास है कि आपने अपने लक्ष्य तय किए हैं और अपने बच्चों और नाती-पोतों से उज्जवल भविष्य का वादा किया है। मैं अमेरिका और मिस्र के बीच साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध व्यक्ति के तौर पर यह बात कह रहा हूं।"

वहीं तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप तायिप एर्दोगन ने मंगलवार को मिस्र के नेताओं से देश में मौजूदा राजनीतिक संकट का लोकतांत्रिक समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मुबारक से अपील की है कि वह जनता की मांगों को बेझिझक स्वीकार करें। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक तुर्की की संसद में अपनी सत्ताधारी एके पार्टी के सदस्यों की एक बैठक में एर्दोगन ने कहा, "कोई भी ताकत लोगों की लोकतांत्रिक मांगों को अनसुना नहीं कर सकती। कोई भी शक्ति जनता की अवज्ञा नहीं कर सकती।"

एर्दोगन ने मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक से अपील करते हुए कहा, "ज्यादा मानवीय रुख अपनाते हुए लोगों की आवाज सुनें। बिना किसी झिझक के लोगों की बदलाव की मांग स्वीकार करें।"

इस बीच पाकिस्तान नागरिकों को मिस्र से वापस लाने के लिए एक विशेष विमान भेजेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने मंगलवार को रक्षा मंत्रालय को काहिरा में एक विशेष विमान भेजने का निर्देश दिया ताकि पाकिस्तानी दूतावास में काम करने वाले गैर जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों,पर्यटकों और अन्य पाकिस्तानियों को वापस लाया जा सके। गिलानी ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि वह मिस्र से पाकिस्तानी नागरिकों को बाहर निकालने के लिए जरूरी इंतजाम करे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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