पॉस्को के लिए जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण : उड़ीसा
राज्य के इस्पात और खनन मंत्री रघुनाथ मोहंती ने आईएएनएस से कहा कि मंजूरी देर से मिली, फिर भी वे इसका स्वागत करते हैं। पॉस्को परियोजना सिर्फ उड़ीसा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी।
पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को उड़ीसा में पॉस्को की प्रस्तावित परियोजना को सशर्त मंजूरी दे दी।
प्रस्तावित परियेाजना में इस्पात, खनन और बंदरगाह की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। तीनों के लिए अलग-अलग मंजूरी ली जानी थी। परियेाजना में होने वाला 12 अरब डॉलर का निवेश देश में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होगा। परियोजना के तहत एक कैप्टिव बिजली संयंत्र भी लगाया जाएगा, जिससे इस्पात परियोजना को बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
परियोजना भुवेश्वर से 100 किलोमीटर दूर तटवर्ती जगतसिंहपुर जिले में लगाई जाएगी।
हजारों स्थानीय निवासी पान की खेती उजड़ जाने और विस्थापन के भय से परियोजना का विरोध कर रहे हैं।
पॉस्को और सरकार का हालांकि कहना है कि परियोजना से क्षेत्र में समृद्धि आएगी।
पर्यावरण मंत्रालय ने पहले वन एवं पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन के आरोप में परियोजना की मंजूरी रोक रखी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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