मिस्र में कर्फ्यू, पर सड़कों पर जमे रहे प्रदर्शनकारी
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद अल बरदई ने इससे पहले रविवार को हजारों प्रदर्शकारियों से वादा किया कि उनके प्रदर्शनों से देश में बदलाव जरूर आएगा।
मध्य काहिरा के तहरीर स्क्वे यर में प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अल बरदई ने कहा, "हमने आज जो शुरुआत की है उससे पीछे नहीं हट सकते।" उन्होंने इसे 'ऐतिहासिक दिवस' करार दिया।
अल बरदई ने कहा, "मिस्र में हम नए युग की शुरुआत कर रहे हैं।" अल बरदई विपक्ष को संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन लम्बे समय तक देश से बाहर रहने के कारण उनको विश्वास हासिल करने में दिक्कतें आ रही हैं।
सरकार द्वारा कर्फ्यू और देश में फोन और इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद सरकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों लोग सोमवार सुबह तहरीर स्क्वे यर में एकत्र हुए।
मिस्र के प्रमुख सहयोगी देश अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यहां के हालात पर क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं से बात की है। लेकिन अल बरदई ने कहा है कि अमेरिका, मिस्र में होने वाले बदलाव में सहयोग नहीं कर रहा है जिससे उसकी विश्वसनीयता समाप्त हो रही है।
मिस्र के सबसे बड़े विपक्षी समूह मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता गमाल नासिर ने कहा कि हुस्नी मुबारक और उनकी नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी को अलग रखते हुए एक सर्वसम्मत सरकार के गठन के लिए उनका संगठन अल बरदई और अन्य पक्षों से लगातार बातचीत कर रहा है।
प्रदर्शन में शमिल लोगों का कहना है कि वे तब तक वापस नहीं जाएंगे जब तक मुबारक अपना इस्तीफा नहीं दे देते।
इस बीच विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर लूट की घटनाएं भी सामने आई हैं। कई बड़े शहरों में लोगों ने अपनी सम्पत्तियों की रक्षा के लिए 'नेवरहुड वाच ग्रुप' बनाया है। इस तरह के समूह बनने से लूट की घटनाओं में कमी आई है।
ऐसी भी खबरें हैं कि प्रदर्शनों का फायदा उठाते हुए हजारों कैदी जेलों से फरार हो गए हैं।
गौरतलब है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अभी तक कम से कम 150 लोग मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications