मिस्र में विरोध प्रदर्शन जारी, मुबारक का इस्तीफे से इंकार (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक शांति बनाए रखने के मुबारक के आग्रह के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी हैं और प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इन प्र्दशनों के बीच राष्ट्र के नाम 11 मिनट के सम्बोधन में मुबारक ने कहा, "मैने मंत्रिमंडल के सदस्यों से इस्तीफा देने को कहा है।" उन्होंने कहा कि नए मंत्रिमंडल का गठन शनिवार को किया जाएगा।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में शुक्रवार को 13 लोग मारे गए। गौरतलब है कि शुक्रवार की हिंसा के बाद प्रदर्शन के दौरान मरने वालों की संख्या 27 तक पहुंच गई। मरने वालों में सुरक्षाबलों के तीन अधिकारी भी शामिल हैं।
मिस्र में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं और सुरक्षा बलों और सरकारी इमारतों पर हमला कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों से निपटने में पुलिस की मदद के लिए सेना की सहायता ली जा रही है। सेना ने कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। काहिरा, सूज और एलेक्जेंड्रिया में कर्फ्यू लगाया गया था लेकिन बाद में अन्य शहरों में भी कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
हेलीकाप्टर और टैंकों से निगरानी की जा रही है। काहिरा में प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और वे विदेश और सूचना मंत्रालय में भी दाखिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने हुस्नी मुबारक की नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्यालय में भी काफी उत्पात मचाया और उसे आग के हवाले कर दिया।
मुबारक के सम्बोधन के समय प्रदर्शनकारी शनिवार तड़के सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। मुबारक ने कहा कि वह निर्दोष लोगों के मारे जाने से काफी दुखी हैं।
मुबारक ने सीधे तौर पर कहा कि वह लोगों की भावनाएं समझ रहे हैं। उन्होंने लोगों से गरीबी, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार करने का वादा किया।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 1,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से टेलीविजन चैनल अल-अरबिया ने खबर दी है कि शुक्रवार को हुई झड़प में 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि हुस्नी मुबारक मिस्र की सत्ता पर करीब 30 वर्षो से काबिज हैं।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र की सरकार से कहा कि वह अपने नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करे। ओबामा ने मुबारक से टेलीफोन पर बात करने के थोड़े ही समय बाद व्हाइट हाउस में ये बातें कही। ओबामा ने कहा, "मौजूदा समय में इस तरह के ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है, जो मिस्र के लोगों की मांगे पूरी करते हों।"
इसके पहले शुक्रवार को अमेरिका ने धमकी दी थी कि यदि मुबारक सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर तत्काल रोक नहीं लगाती और सुधारों को लागू करने के लिए आगे नहीं बढ़ती तो उसे दी जाने वाली सहायता रोक दी जाएगी।
ओबामा ने कहा कि उन्होंने मुबारक से कहा कि उन्हें सुधार के अपने वादे पर अमल करने की आवश्यकता है। ओबामा ने कहा, "वादे को अर्थवान बनाने की उनकी जिम्मेदारी है।"
ओबामा ने जोर देकर कहा कि अमेरिका की मुख्य चिंता हिंसा रोकने को लेकर है। उन्होंने सरकार और प्रदर्शनकारियों, दोनों से शांति बनाए रखने का आह्वान किया। ओबामा ने मुबारक सरकार से इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करने के लिए कहा।
ज्ञात हो कि अमेरिका, मुबारक का लम्बे समय से सहयोगी रहा है, लेकिन ओबामा ने जोर देकर कहा कि उनका देश मिस्र के लोगों के सार्वभौम अधिकारों के पक्ष में है।
ओबामा ने कहा, "मिस्र के लोगों के अपने सार्वभौम अधिकार हैं। इसमें शांतिपूर्ण तरीके से एकत्रित होने, अभिव्यक्ति की आजादी और अपने भाग्य का फैसला करने के अधिकार शामिल हैं। ये सभी मनवाधिकार हैं और अमेरिका इन अधिकारों के लिए कहीं भी खड़ा रहेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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