पर्यटन के लिए दक्षिण एशियाई देशों में सहयोग की जरूरत : सहाय (लीड-1)
सहाय ने इस मौके पर कहा कि पर्यटन संगठनों और क्षेत्र के हितधारकों के लिए यह उपयुक्त समय है कि वे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मिल बैठकर एक समान और संबद्घ समस्याओं के निदान पर विचार करें।
उन्होंने कहा कि तेजी से विकास कर रहे पर्यटन उद्योग के लिए अधिक संख्या में प्रशिक्षित और कुशल पेशेवरों की जरूरत है। भारत अपने प्रशिक्षण केंद्रों का लाभ दक्षिण एशिया के लोगों को दे सकता है।
मंत्री ने सुरक्षित पर्यटन पर जोर देते हुए कहा कि भारत में प्रकृति, ग्रामीण और चिकित्सा पर्यटन के विकास की प्रचुर सम्भावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि, "हम अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को बरकरार रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन गतिविधियों को देख रहे हैं और उनका निरंतर विश्लेषण कर रहे हैं। हम उद्योग, दूसरे देशों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ तालमेल और सूचना का आदान-प्रदान बढ़ा रहे हैं।"
मंत्री ने कार्यक्रम से इतर आईएएनएस से कहा कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए देश के अंदर और बाहर एक्स्पो आयोजित किए जाएंगे।
पर्यटन मंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन में दक्षिण एशिया में पर्यटन के विकास के लिए ठोस रोडमैप तैयार होगा। एसएटीटीई दक्षिण एशियाई क्षेत्र के पर्यटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वैश्विक बाजार के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए एक मंच भी उपलब्ध कराता है।
कार्यक्रम में 38 देश हिस्सा ले रहे हैं। देश के 25 राज्यों ने भी यहां अपने स्टॉल लगाए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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