कन्या भ्रूण बताने वाली तकनीक का दुरुपयोग रोकें : राष्ट्रपति
नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी तकनीक के दुरुपयोग पर रोक लगाने की जरूरत है जो भ्रूण के लिंग की पहचान कराती है। उन्होंने कन्या भ्रूणहत्या को समाज के लिए अहितकर बताया।
इंडियन रेडियोलॉजिस्ट एंड इमेजिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, "भ्रूण के लिंग का पता लगाने के लिए की जाने वाली जांच पर रोक लगाने की जरूरत है, क्योंकि इससे कन्या भ्रूणहत्या को बढ़ावा मिलता है।"
उन्होंने कहा, "हमारे यहां ऐसे कानून और वैधानिक प्रावधान हैं जो खासतौर से उन चिकित्साकर्मियों को सजा दिलाने के लिए हैं जो भ्रूण का लिंग बताते हैं। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि सभी चिकित्सक एवं विकिरण विशेषज्ञ कन्या भ्रूणहत्या रोकने के लिए आगे आएं, ताकि समाज से यह बुराई खत्म हो सके।"
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने इस पर जोर दिया कि तस्वीर वाली जांच का उपयोग होना चाहिए, दुरुपयोग नहीं। उन्होंने कहा कि विकिरण वाली जांच के बाद रोगी को अनावश्यक तौर पर भ्रूण का लिंग न बताया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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