हावर्ड शोध का हिस्सा बनना गर्व की बात : ताज होटल
होटल के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर शोध का हिस्सा बनने को गर्व की बात करार दिया है। प्रवक्ता ने कहा, "हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। हमारे कर्मचारियों ने आतंकवादी हमले के दौरान जिस तरह की जिजीविषा, स्वामीभक्ति और बहादुरी का परिचय दिया था वह सचमुच उदाहरण योग्य है। यह हमारे नेतृत्व की उत्कृष्ठता की कहानी कहता है।"
हावर्ड में 'टेरर एट द ताज बॉम्बे-कस्टमर सेंट्रीक लीडरशिप' नाम से एक मल्टीमीडिया केस स्टेडी तैयार किया गया है। इसे तैयार करने वाले प्रोफेसर रोहित देशपांडे हावर्ड में ही पढ़ाते हैं। रोहित का मानना है कि हमले के दौरान ताज के कर्मचारियों का व्यवहार बहादुरी की दास्तां कहता है।
इस केस स्टडी में दिखाया गया है कि हमले के वक्त किस तरह कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर मेहमानों की जान बचाई थी जबकि मुसीबत के वक्त इंसान सबसे पहले अपने भागने का रास्ता खोजता है। मानव व्यवहार से उलट जाकर होटल कर्मचारियों ने अपने पेशे के प्रति वफादारी और नेतृत्व के प्रति शानदार विश्वास का उदाहरण कायम किया था।
इस हमले में होटल के 12 कर्मचारी मारे गए थे लेकिन इस दौरान उन्होंने कई मेहमानों की जान बचाई थी। मृत होटल कर्मचारियों की सही संख्या की पुष्ट जानकारी अभी तक पता नहीं है। होटल प्रबंधन ने इसे जारी नहीं किया।
इस हमले में होटल के महाप्रबंधक कर्मवीर सिंह कांग ने कर्तव्यपरायणता का जो उदाहरण पेश किया था, उसे देखकर ही उनके कर्मचारियों ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी। कांग ने इस बात की तनिक भी परवाह नहीं कि होटल परिसर में रहने वाली उनकी पत्नी और दो बेटे आतंकवादियों के हमलों के शिकार हो गए हैं। वह इसकी परवाह किए बगैर अपने काम में लगे रहे और साथ ही साथ अपने कर्मचारियों को भी प्रेरित करते रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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