मिस्र में व्यापक प्रदर्शन का आह्वान, संचार सेवाएं ठप्प (लीड-1)
पिछले 30 वर्षो से शासन कर रहे राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को हटाने और लोकतंत्र स्थापित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को नमाज के बाद भारी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया।
मिस्र की राजधानी काहिरा में टेलीफोन संपर्क बहाल न होने से बाहरी लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को नामज के बाद सरकार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में लाखों लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है।
सर्वर विदेश में होने की वजह से सरकार विरोधी कुछ वेबसाइट्स चल रही हैं लेकिन इसे अद्यतन करने में संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वेबसाइट 'युआन7' के एक कर्मचारी ने बताया, "पत्रकार वेबसाइट पर रपटें नहीं लगा पा रहे हैं क्योंकि हम इंटरनेट के जरिए किसी से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।"
आंदोलनकारी प्रदर्शन आयोजित करने और सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट्स और ट्विटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उधर, रातभर कुछ वेबसाइट नहीं चलीं। काहिरा में अमेरिकी दूतावास और मिस्र सरकार की वेबसाइट नहीं खुल पाईं।
काहिरा के मध्य इलाके में ताहिर चौक पर पिछले एक हफ्ते के दौरान एकत्रित होती प्रदर्शकारियों की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है।
ताहिर चौक तक जाने वाले स्थानीय मार्गो की नाकेबंदी की गई है और मेट्रो स्टशनों को भी बंद कर दिया गया है।
काहिरा के दक्षिणी हिस्से में अल-हराम में मुख्य मस्जिदों में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।
पुलिस ने इस बीच रात के दौरान प्रतिबंधित और सबसे बड़े विपक्षी दल 'मुस्लिम ब्रदरहुड' के आठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में असंतुष्टों को गिरफ्तार कर लिया।
विरोध प्रदर्शनों में अब तक सात लोगों को जान गंवानी पड़ी है। पुलिस ने अब तक करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।
प्रदर्शनकारी पिछले 30 वर्षो से शासन कर रहे राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को हटाने और लोकतंत्र स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। अब तक करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रदर्शनकारियों में ट्यूनीशिया में भारी जनप्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति जैनुल आबेदीन अली बेन के देश छोड़कर जाने के बाद अपने आंदोलन से सफलता की उम्मीद जगी है।
उधर, सरकार का कहना है कि अब और विरोध प्रदर्शनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा लेकिन विपक्ष ने काहिरा सहित अन्य बड़े शहरों में शुक्रवार की नमाज के बाद लोगों से प्रदर्शनों में हिस्सा लेने का आह्वान किया है।
मिस्र में विपक्षी दल के नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता अल बरदेई गुरुवार को काहिरा पहुंचे। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पूर्व प्रमुख बरदेई ने मुबारक को हटाकर नई सरकार के गठन का संकेत दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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