नेपाल ने भारत से प्रेरणा ली है : राम बरन यादव (लीड-1)
कोलकाता, 28 जनवरी (आईएएनएस)। नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव ने शुक्रवार को कहा कि उनके देश में लोकतांत्रिक संघर्ष को भारत से, खासतौर से इस पूर्वी महानगर (कोलकाता) से प्रेरणा मिली है।
यादव ने यहां कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के 177वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा, "नेपाल के लोकतांत्रिक संघर्ष ने भारत से, खासतौर से कोलकाता से प्रेरणा हासिल की है। नेपाली कांग्रेस की पहली बैठक इसी शहर में हुई थी। हमने भारत से प्रेरणा ली है। लोकतांत्रिक संघर्ष का बीज यहीं बोया गया था।"
पूर्व चिकित्सक यादव, नेपाली कांग्रेस के एक प्रमुख नेता है। नेपाली कांग्रेस, नेपाल की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है।
नेपाली कांग्रेस की जड़ें उस सामान्य-से अधिवेशन से जुड़ी हुई हैं, जो दक्षिणी कोलकाता के भवानीपुर में जनवरी 1947 में आयोजित हुआ था। दो दिवसीय यह महाधिवेशन तत्कालीन खालसा स्कूल में सम्पन्न हुआ था, जो इस समय खालसा इंगलिश हाईस्कूल के नाम से जाना जाता है। यह अधिवेशन आज नेपाल के इतिहास का हिस्सा बन चुका है।
नेपाल में 1950 के दशक में लोकप्रिय हुए एक आंदोलन के कई नेताओं ने कोलकाता में निर्वासित जीवन बिताया था।
यादव ने कोलकाता और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के साथ अपने चार दशक पुराने सम्बंध को याद किया। वह 1960 के दशक के प्रारम्भ में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा विज्ञान के छात्र थे।
यादव ने कहा, "मैं नेपाल में जरूर पैदा हुआ, लेकिन मैंने अपने जीवन के 10 वर्ष कोलकाता में गुजारे हैं। पहले कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में और उसके बाद स्कूल ऑफ त्रिपोली मेडिसिन में। मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं अपने घर आया हूं।"
यादव ने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की उपाधि हासिल की थी और उसके बाद यहां स्थित स्कूल ऑफ त्रिपोली मेडिसिन से क्लीनिकल पैथोलॉजी में डिप्लोमा किया था। उन्होंने इस दौरान पश्चिम बंगाल में नक्सलवाद के उदय को देखा, जो 1968 से उनके कोलकाता प्रवास के दौरान ही अपने चरम पर पहुंच गया था।
यादव ने कहा, "मैं इस शहर में 33 वर्षो बाद आया हूं, लेकिन मैं अभी भी बांग्ला भाषा में बातें कर सकता हूं। अच्छा लगता है। यहां मेरे कई सारे मित्र हैं। मुझे 43 वर्ष पहले इस प्रमुख संस्थान में पढ़ाई करने का मौका मिला था।"
यादव ने स्थापना दिवस समारोह के इतर मौके पर नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बारे में मीडियाकर्मियों से कहा, "सबकुछ ठीक चल रहा है। हम शांति प्रक्रिया में हैं। यदि कोई समस्या होगी भी, तो हम उससे उबर जाएंगे।"
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल के इस्तीफे के बाद, पिछले सात महीने से भी अधिक समय से नेपाल में राजनीतिक संकट बना हुआ है। नेपाली संसद 16 चक्र के चुनाव बाद भी नया प्रधानमंत्री चुन पाने में विफल रही है।
अब तीन फरवरी को प्रधानमंत्री पद के लिए नए सिरे से चुनाव होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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