निलम्बित आईएएस अधिकारी ने जमानत याचिका वापस ली
नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय की संवेदनशील जानकारी अनधिकृत व्यक्ति को देने के आरोप में निलम्बित वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रवि इंदर सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली।
न्यायमूर्ति हेमा खोली ने जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
इससे पहले सिंह ने इस आधार पर जमानत की मांग की थी कि दिल्ली पुलिस अपेक्षित 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने में सक्षम नहीं है। पुलिस ने हालांकि सिंह की 60 दिनों की न्यायिक हिरासत पूरी होने से एक दिन पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
बचाव पक्ष के वकील ने कहा, "यदि पुलिस तय समय के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं कर पाती तो सिंह के दावे को सही मानते हुए उन्हें जमानत दी जा सकती थी।"
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने 22 जनवरी को विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने इसे रिकार्ड में शामिल कर लिया था और सुनवाई की अगली तारीख 29 जनवरी मुकर्रर की थी।
पुलिस को हाल ही में सिंह तथा सह-आरोपी विनीत कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल करने की हरी झंडी मिल गई थी। कुमार कोलकाता स्थित कम्पनी टेम्पेटशन फूड के मुख्य प्रबंध निदेशक हैं। पुलिस ने उन पर विभिन्न प्रावधानों के तहत आपराधिक षड्यंत्र रचने, सबूत मिटाने तथा एक सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने जैसे आरोपों के तहत अभियोग चलाने की मांग की।
पुलिस ने बताया, "सिंह एवं सह-आरोपी कुमार के बीच हुई बातचीत रिकार्ड की गई थी, जिसकी लिखित प्रति आरोप पत्र के साथ संलग्न की गई है।"
पुलिस ने अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर 45 लोगों के नाम दर्ज कराए हैं।
आरोप पत्र में दावा किया गया है कि आरोपी की कम से कम 12,000 कॉल बीच में काटी गईं तथा आईएएस अधिकारी देह व्यापार के लिए 'सॉफ्टवेयर' और आवास के लिए 'हार्डवेयर' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करता था। वह लाभ दिलाने के एवज में इन सुविधाओं की मांग करता था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में आंतरिक सुरक्षा निदेशक रहे सिंह को बिचौलिए का कार्य करने वाले कुमार के साथ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने 23 नवम्बर, 2010 को गिरफ्तार किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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