गढ़चिरौली में चिदम्बरम ने की विकास कार्यो की समीक्षा
मुम्बई। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा और विकास योजनाओं पर चर्चा के लिए मंगलवार को पूर्वी महाराष्ट्र में नक्सलियों के गढ़ गढ़चिरौली जिले का दौरा किया। गढ़चिरौली के जिलाधिकारी अतुल पतने ने कहा, "चिदम्बरम यहां जिला पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदमों की समीक्षा करने आए थे।"
उन्होंने कहा, "एकीकृत कार्य योजना (आईएपी) के तहत मिलने वाली राशि के बाद जिले के अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यो की भी उन्होंने समीक्षा की।"ज्ञात हो कि गत नवंबर में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने नक्सल हिंसा से प्रभावित देश के पिछड़े जिलों और 60 जनजातीय इलाकों में आईएपी के क्रियान्यवन के लिए इसे मंजूरी दी थी।
आईएपी के तहत प्रत्येक दो वर्ष के अंतराल पर प्रत्येक जिले को 55 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा।पतने ने बताया कि गढ़चिरौली को एक या दो सप्ताहों में अनुदान का पहला हिस्सा 25 करोड़ रुपये प्राप्त होगा। उन्होंने कहा, "इसके बाद हम जिले की विकास योजनाएं शुरू करेंगे।"
अधिकारियों ने बताया कि चिदम्बरम के साथ महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर. पाटील और पुलिस महानिदेशक डी. शिवानंदन भी मौजूद थे।
जिला मुख्यालय पर अधिकारियों से मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने यहां से 30 किलोमीटर दूर मुरूंगा वन क्षेत्र स्थित एक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर का दौरा किया।इसके बाद चिदम्बरम ने धनोरा इलाके में स्थानीय पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ के जवानों को सम्बोधित किया। केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे से पहले नक्सलियों ने यहां एक पंचायत भवन की इमारत में आग लगा दी थी। इस घटना में हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहला मौका है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने नक्सल प्रभावित जिलों में से एक गढ़चिरौली का दौरा किया है।उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे गढ़चिरौली यहां से करीब 950 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नक्सली यहां आए दिन सुरक्षा बलों और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाते हैं। गत वर्ष के अक्टूबर में नक्सलियों ने धावा बोलकर 18 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।












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