विरोध प्रदर्शनों के बीच प्याज की कीमतें नियंत्रित करने के प्रयास
नई दिल्ली। प्याज की अनियंत्रित हो रही कीमतों पर रोक लगाने के सरकार के प्रयासों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे लगे हाथ मुद्दा बना दिया और विरोध आरंभ कर दिया है। सरकार ने बुधवार को प्याज के निर्यात पर पाबंदी लगा दी और प्याज के आयात को शुल्क से मुक्त कर दिया तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसके विरोध में कई राज्यों में प्रदर्शन किए।
इस बीच, दिल्ली सरकार के एक मंत्री ने दावा कि आजादपुर सब्जी मंडी के प्याज के जमाखोरों और कालाबजारियों पर छापा मारने के बाद मंडी में प्याज की उपलब्धता बढ़ गई और प्याज की कीमत घटकर 37.50 रुपये प्रति किलो तक आ गई। उधर, तमिलनाडु सरकार ने कहा कि वह अपने खुदा बिक्री केंद्रों पर प्याज बेचेगी।
प्याज की बढ़ती कीमत को कम करने के मकसद से सरकार ने बुधवार को औपचारिक अधिसूचना जारी कर जहां एक ओर प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी, वहीं दूसरी ओर आयात शुल्क हटा लिया। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई। इससे पहले सरकार ने निर्यात के लिए तय न्यूनतम मूल्य को दोगुना कर दिया था।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि प्याज के निर्यात के बारे में सभी पुरानी अधिसूचनाओं को रद्द किया जाता है और अगले आदेश तक हर किस्म के प्याज के निर्यात पर पाबंदी लगाने का फैसला लिया गया है।
वित्त सचिव अशोक चावला ने कहा कि प्याज पर पांच फीसदी आयात शुल्क को समाप्त कर दिया गया है।
उधर, दिल्ली के खाद्य और आपूर्ति मंत्री हारून युसुफ ने कहा कि आजादपुर मंडी के 123 ठिकानों पर छापा मारा गया। इसके साथ ही प्याज के किसानों को प्याज को खुले बाजार में बेचने की अनुमति दे दी गई, जिसके कारण बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ गई।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को आजादपुर मंडी में प्याज की उपलब्धता 1,144 टन थी, जो बुधवार को बढ़कर 2000 टन हो गई। रविवार को यह केवल 740 टन थी।
मंत्री ने कहा कि थोक और खुदरा बाजार में प्याज की कीमत की ताजा जानकारी रखने के लिए एक टोल फ्री नंबर बनाया गया है। कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर 1800-11-0841 है।
तमिलनाडु में प्याज की कीमत में हालांकि कुछ कमी आई है, फिर भी यहां प्याज की औसत कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है।
कोयामबेदु बाजार के एक थोक विक्रेता ने आईएएनएस को बताया, "मंगलवार की तुलना में प्याज की कीमतों में आज कमी आई है। मध्यम आकार के प्याज 60 रुपये और बड़े आकार के प्याज 80 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बेचे जा रहे हैं।"
मंगलवार को थोक बाजार में प्याज की कीमत करीब 70 रुपये प्रति किलोग्राम रही जबकि इस प्याज को फुटकर बाजार में 100 रुपये प्रति किलोग्राम बेचा गया।
विक्रेता के मुताबिक प्याज की आपूर्ति में थोड़ा सुधार है। उसने व्यापारियों पर सब्जियों की जमाखोरी के आरोपों से इंकार किया।
तमिलनाडु के खाद्य मंत्री ए.वी. वेलु ने घोषणा की कि सरकार बिना लाभ-हानि की नीति के आधार पर अपने सहकारी केंद्रों पर थोक और खुदरा प्याज बेचना शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से प्याज की आपूर्ति होती है, लेकिन प्याज की कीमतें बढ़ जाने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
प्याज के दाम बेतहाशा बढ़ने का विरोध करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने प्याज के लिए कर्ज वितरित किए वहीं भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई इसके विरोध का गुरुवार को अनोखा तरीका अपनाने जा रही है। पार्टी कार्यकर्ता तमाम राष्ट्रीयकृत बैंकों में कर्ज के लिए आवेदन करेंगे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने कहा है कि केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तुओं और खाद्यान्न का कृत्रिम अभाव पैदा कर मुनाफाखोरों को लूट का पूरा मौका दिया है। यही वजह है कि प्याज की कीमतें आम लोगों को रुला रही है। प्याज के दाम 10 गुना हो जाने से यह आम आदमी के क्रय शक्ति से बाहर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश स्तर पर 23 दिसम्बर को प्याज की कीमतों में भारी वृद्धि का विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिला स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता तमाम राष्ट्रीकृत बैंकों में प्याज के लिए आवेदन करेंगे। सांसद, विधायक, पदाधिकारी एवं जिला प्रभारी बैंक परिसरों में पहुंचकर प्याज खरीदने के लिए कर्ज और अग्रिम राशि के लिए आवेदन करेंगे।
दूसरी ओर, इंदौर में बुधवार को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्याज खरीदने के लिए कर्ज के फार्म भराए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्याज 50 रुपये और लहसुन 300 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रही हैं। कीमतों में हुई भारी वृद्धि के चलते प्याज और लहसुन खाना हर किसी के वश की बात नहीं रह गई है। लिहाजा, उन्होंने इसके लिए कर्ज (लोन) योजना शुरू की है और इस योजना को 'महालोन प्याज धमाका' नाम दिया गया है।
भाजयुमो ने कर्ज के लिए एक स्टॉल लगाया है, जहां कर्ज के लिए फार्म उपलब्ध हैं। कार्यकर्ता के मुताबिक इस योजना के जरिए पांच किलो प्याज खरीदने के लिए कर्ज दिया जा रहा है। कर्ज की राशि को आसान किश्तों में चुकाना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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