भारत-रूस ने किये 11 समझौते
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ बातचीत के बाद कहा कि भारत-रूस, अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता लाने के लिए अपना सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। मनमोहन सिंह ने यहां हैदाराबाद हाउस में दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद संवाददाताओं से कहा, "हमने अफगानिस्तान पर अपनी रायशुमारी तेज करने पर सहमति जताई है।" मेदवेदेव के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने रूस को भारत का एक समयसिद्ध साझेदार बताया।
दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर देर रात नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उपस्थिति में इन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।रूसी सैन्य कल-पुजरे का भारत सबसे बड़ा आयातक रहा है और इसके मद्देनजर हाल के वर्षो में दोनों राष्ट्रों के सम्बंधों में प्रगाढ़ता आई है। वर्ष 2009 में रूस और भारत का व्यापार 7.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। दोनों देशों की योजना वर्ष 2015 तक इस आंकड़े को 20 अरब डॉलर पहुंचाने की है।













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