कानकुन में पर्यावरण समझौते से खुश है भारत : जयराम नरेश
कानकुन। मैक्सिको के कानकुन में हुए जलवायु परिवर्तन विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश के बयानों से उत्पन्न असमंजस के बीच पर्यावरण विशेषज्ञों ने कहा है कि 17 वर्ष बाद भारत के रुख में आए परिवर्तन से इस मुद्दे पर हो रही वार्ता पेचीदा हो जाएगी और इसका दक्षिण अफ्रीका में अगले दौर की बातचीत पर असर पड़ेगा। खैर दो महीने तक चली वार्ता के बाद कानकुन में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर देशों में सहमति बन गई है। इसमें विकासशील देशों की मदद के लिए ग्रीन क्लाइमेट फंड बनाने की बात शामिल है।
भारत ने कहा है कि कानकुन में पर्यावरण समझौते के जो दो मसौदे तैयार किए गए हैं उनसे बेसिक देश बहुत खुश हैं। भारत के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि भारत को तो यह समझौता मंजूर है। पर्यावरण में हो रहे बदलावों से लड़ने के लिए क्योटो प्रोटोकॉल पर 200 देशों के वार्ताकारों ने बातचीत के बाद ये दो मसौदे तैयार किए हैं। भारतीय प्रतिनिधि जयराम रमेश के मुताबिक बेसिक देश या जी4 (ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत और चीन) मसौदे से खुश हैं. उत्साहित रमेश ने कहा, "कानकुन समझौता तैयार है।"













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