फिर सजेगा नीतीश का जनता दरबार

मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित होने वाला 'जनता दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम राजग सरकार की दूसरी पारी में थोड़ा बदला-बदला नजर आएगा।
उन्होंने बताया कि जनता दरबार में आए आवेदनों में दी गई लोगों की समस्याओं के त्वरित निपटारे की दिशा में सख्त कदम उठाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि राजग सरकार की पहली पारी में नीतीश 21 अप्रैल, 2006 को पहली बार जनता के दरबार में हाजिर हुए थे।
पहले यह दरबार सप्ताह में दो दिन लगता था परंतु बाद में इस दरबार को प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को लगाया जाने लगा।
इस दरबार में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर मुख्यमंत्री के पास आते थे और अपनी समस्याओं को सीधे उनके समक्ष रखते थे।
जनता दरबार में पुलिस और जमीन से जुड़े मामले सबसे अधिक आते थे। पहली पारी का अंतिम जनता दरबार इस वर्ष के 20 अप्रैल को लगा था और उसके बाद विधानसभा चुनाव के तहत आचार संहिता लग जाने के कारण यह दरबार बंद कर दिया गया था। अब एक बार फिर यह जनता दरबार 20 दिसम्बर से प्रारम्भ होने वाला है।
पटना आने-जाने में होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए इस दरबार को जिला मुख्यालय से ऑनलाइन करने की तैयारी चल रही है।












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