स्वास्थ्य क्षेत्र में भागीदारी के लिए आगे आएं निजी क्षेत्र : आजाद
आजाद ने कहा, "रेल मंत्रालय ने 400 से अधिक जगहों की पहचान की है और उसे स्वास्थ्य मंत्रालय को दे दिया है। हम राज्य सरकारों और अन्य मंत्रालयों के साथ काम करेंगे लेकिन सरकारी संसाधन इसके लिए पर्याप्त नहीं हैं। लिहाजा हमें निजी क्षेत्र से मदद की जरूरत है।"
उन्होंने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद इस सिलसिले में बातचीत होगी।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सेवाओं, जांच केंद्र, उच्च विशेषज्ञता वाले अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और नíसंग स्कूल खोलने को लेकर इस साल फरवरी में स्वास्थ्य और रेल मंत्रालय के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ था।
करार के तहत रेल मंत्रालय भूमि मुहैया कराएगा और स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी बुनियादी ढांचा को तैयार करना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "रेल मंत्रालय की जमीन सालों से बेकार पड़ी हुई हैं और उस पर अवांछित तत्वों का कब्जा है। मैं रेल मंत्री ममता बनर्जी के इस कदम से बेहद खुश हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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