आर्थिक संकट पर आयरलैंड को मदद
{image-11 hindi.oneindia.com}प्रधानमंत्री ब्रायन कोवेन का कहना है कि आयरलैंड को अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से ऋण नहीं लेना पड़ेगा. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और यूपोपीय संघ ने आर्थिक संकट का सामना कर रहे आयरलैंड को 113 अरब डॉलर की आर्थिक मदद देने का फ़ैसला किया है. हालांकि इसमें से 23 अरब डॉलर आयरलैंड को अपने संसाधनों से जुटाने होंगे. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से तीस अरब डॉलर की मदद दी जाएगी.
आयरलैंड को मदद की इस घोषणा के बाद यूरो की कीमत में गिरावट आ गई है. यूरोपीय संघ के वित्त मंत्रियों की ब्रसेल्स में हुई एक आपात बैठक में आयरलैंड को वित्तीय राहत पैकेज देने का फैसला लिया गया. 113 अरब डॉलर की मदद के अलावा ब्रिटेन की सरकार ने भी 3.2 अरब डॉलर की अतिरिक्त मदद देने की घोषणा की है.
ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ऑसबर्न ने राहत पैकेज का एलान होने के बाद कहा, '' अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और यूरोपीय संघ द्वारा दिए जा रहे राहत पैकेज के अलावा ब्रिटेन आयरलैंड को तीन अरब पाउंड से ज्यादा का द्विपक्षीय ऋण देगा. ये ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में होगा. हम उम्मीद करते हैं कि आयरलैंड ये पैसा हमें जरूर लौटाएगा और इससे उसे विकास के स्थिर रास्ते पर चलने में मदद मिलेगी. ''
उम्मीद की जा रही है कि राहत पैकेज के तहत मिली राशि से आरयलैंड को खर्च में कटौती और करों में बढ़ोतरी के लिए कड़े कदम उठाने के बाद सरकारी खर्च चलाने में मदद मिलेगी.
आयरलैंड के प्रधानमंत्री ब्रायन कोवेन ने यूरोपीय संघ और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिली मदद के बारे में कहा, ''सबसे पहली बात ये कि लोगों को ये जानना चाहिए आयरलैंड को जो महत्वपूर्ण आर्थिक मदद दी गई है, उससे आनेवाले सालों में देश के बजट के वित्तीयन में मदद मिलेगी. हमने अंतरराष्ट्रीय बाजार से ऋण लेने की जो योजना बनाई थी अब उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी. अब हमें कम ब्याज पर ऋण मिल जाएगा. ''
कोवेन ने ये भी कहा कि इस आर्थिक पैकेज से सार्वजनिक सेवाओं का वित्तीयन हो सकेगा और बाकी बचे पैसे से देश के बैंकों के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी. आयरलैंड ने ग्रीस की तर्ज पर ही यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से राहत पैकेज लेना स्वीकार किया है. हालांकि ग्रीस को दी गई आर्थिक मदद के सकारात्मक नतीजे नहीं निकल सके थे और ये भी साफ हो गया था कि पुर्तगाल और स्पेन भी अपना सरकारी कर्ज चुकाने में शायद ही सक्षम हो सकेंगे.
ऐसा नहीं है कि आयरलैंड को दिए गए आर्थिक पैकेज से यूरोप की आर्थिक समस्याओं का पूरी तरह अंत हो जाएगा. यूरोपीय संघ से मिली इस आर्थिक मदद की मियाद 2013 में खत्म हो जाएगी. इसीलिए वित्तीय बाजार को लंबे समय तक मजबूती देने के लिए यूरोपीय संघ एक दूसरी योजना पर भी काम कर रहा है.
वित्त मंत्रियों की बैठक में इस दिशा में भी फैसले लिए गए. बैठक में ये फैसला लिया गया कि कुछ मामलों में निजी क्षेत्र के ऋणदाताओं ने जो कर्ज़ दिए हैं उनमें से कुछ को माफ करना होगा या फिर कर्ज़ चुकाने की अवधि बढ़ानी होगी. हालांकि ऐसा सभी मामलों पर लागू नहीं होगा बल्कि इसकी गहराई से समीक्षा की जाएगी. ग्रीस और आयरलैंड को दिए गए आर्थिक राहत पैकेज में इसे एक बड़ा अंतर माना जा रहा है.












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