भारतीय बाजार पर अमेरिका की नजर : ओबामा (लीड-1)
'न्यूयार्क टाइम्स' में प्रकाशित इस लेख में ओबामा ने लिखा है अमेरिका चाहता है कि "वह सिर्फ इसलिए न जाना जाए कि हम क्या उपभोग करते हैं, बल्कि इसलिए भी कि हम क्या निर्मित करते हैं। हम क्या दूसरे देशों को निर्यात करते हैं, अमेरिका में हम कितना रोजगार पैदा करते हैं। वास्तव में प्रति एक अरब डॉलर के निर्यात पर अमेरिका में 5,000 से अधिक रोजगार में मदद मिलती है।"
ज्ञात हो कि ओबामा शनिवार को अपने चार दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी मिशेल और शीर्ष अधिकारी होंगे। वह रविवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे और दो दिनों तक यहां रुकेंगे। मंगलवार को वह इंडोनेशिया रवाना हो जाएंगे।
ओबामा ने कहा है कि वह अगले पांच वर्षो में अमेरिकी निर्यात को दोगुना करना चाहते हैं।
ओबामा ने लिखा है, "इसके लिए हमें अमेरिका निर्मित सामानों के लिए नए ग्राहक तलाशने की जरूरत है। दुनिया में सबसे तेजी के साथ बढ़ रहे कुछ बाजार एशिया में हैं, जहां इस सप्ताह मैं यात्रा पर हूं।"
ओबामा ने लिखा है, "हमारे आर्थिक भविष्य के लिए एशिया के महत्व के बारे में जो कुछ भी कहा जाए कम है। एशिया में दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से तीन स्थित हैं। इसके साथ ही यहां मध्य वर्ग का तेजी के साथ विस्तार हो रहा है और उनकी आमदनी बढ़ रही है। अपनी इस यात्रा के दौरान मैं चार एशियाई लोकतंत्रों का दौरा करूंगा। ये लोकतंत्र हैं- भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान। इनमें से प्रत्येक देश अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है।"
ओबामा ने कहा, "भारत के अपने पहले दौरे मैं सैकड़ों अमेरिकी व्यापार प्रमुखों और भारतीय व्यापार प्रमुखों के साथ मिल कर अपने निर्यात लक्ष्य की ओर ठोस प्रगति की घोषणा करूंगा। यह लक्ष्य कोई अरबों डॉलर का होगा, जिससे हजारों अमेरिकी नागरिकों को रोजगार में मदद मिलेगी।"
ओबामा ने लिखा है, "हम अमेरिकी निर्यातों से अवरोध हटाने और भारतीय बाजार में पहुंच बढ़ाने के तरीके भी तलाशेंगे।"
ओबामा ने "एक्सपोर्टिग ऑवर वे टू स्टेबिलिटी" शीर्षक वाले लेख में लिखा है, "हमारी सरकार अमेरिकी व्यापारियों और श्रमिकों के साथ मिलकर अपने सामानों और सेवाओं को दूसरे देशों में फैलाने और बेचने के लिए हर हाल में कदम उठाएगी, खासतौर से एशिया में। इस तरह हम रोजगार, समृद्धि और एक ऐसी अर्थव्यवस्था तैयार करेंगे, जो एक मजबूत बुनियाद पर खड़ी होगी।"
ओबामा ने आगे कहा कि "मौजूदा मंदी से देश के उबर जाने के बाद, ऋण या वित्तीय अनुमानों के कागजी मुनाफों के उसी खम्भे पर अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करना सबसे बड़ी गलती होगी।"
ओबामा ने कहा, "हमें आर्थिक वृद्धि के लिए एक नई, मजबूत बुनियाद पर खड़ा होने की जरूरत है। और उस बुनियाद के हिस्से में वह सबकुछ करना शमिल है, जिसे अमेरिकियों ने सर्वश्रेष्ठ रूप में हमेशा से किया है : अनुसंधान, उत्पादों की रचना और निर्माण, जिन्हें पूरी दुनिया में बेचा जाता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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