ओबामा के विरोध में देशव्यापी बंद

किशनजी ने कहा कि बराक ओबामा की भारत यात्रा इसी प्रक्रिया की एक कड़ी है. बराक ओबामा छह नवंबर को भारत आ रहे हैं.इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने भी बराक ओबामा के भारत दौरे का विरोध करने का फ़ैसला किया है.पार्टी ने अपने कैडरों से अपील की है कि वे जगह-जगह अपने-अपने तरीक़ों से विरोध करें और 'ओबामा वापस जाओ' का नारा बुलंद करें.
लेकिन माओवादी नेता किशनजी ने भाकपा (माओवादी) के 'विरोध' को नाटक बताया है. उन्होंने कहा, "आज भाकपा (माओवादी) और अन्य कम्युनिस्ट पार्टियाँ उस पूँजीवादी संस्कृति का हिस्सा हो गई हैं, जो लोगों का शोषण करती हैं."भाकपा (माओवादी) के प्रवक्ता अभय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बराक ओबामा को 'विश्व जनता का नंबर वन दुश्मन' और 'अमरीकी साम्राज्यवाद का सरगना' कहा गया है.
ओबामा छह नवंबर को भारत आ रहे हैंपार्टी ने कांग्रेस की अगुआई वाली केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रमुख विपक्षी भारतीय जनता पार्टी की भी कड़ी आलोचना की है और कहा है कि दोनों पार्टियाँ सुर में सुर मिलाकर ओबामा का स्वागत कर रही हैं.भाकपा (माओवादी) ने अपने बयान में अफ़ग़ानिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान का भी ज़िक्र किया है. उनका आरोप है कि दोनों जगह अमरीका के ड्रोन हमलों के कारण मासूम नागरिकों की मौत हो रही है.
प्रवक्ता अभय ने अपने बयान में कहा, "ओबामा ने अपने शासनकाल में अफ़ग़ानिस्तान में 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजकर अपने युद्धोन्मादी चरित्र का परिचय दिया है."पार्टी का कहना है कि हमारे देश के शासक ऐसे नेता का स्वागत करने के लिए दिल्ली और मुंबई को सजाने-सँवारने में लगे हैं.भाकपा (माओवादी) ने अमरीका के साथ हुए परमाणु समझौते पर भी सवाल उठाया है और कहा कि केंद्र सरकार ने जनता के विरोध की परवाह न करते हुए अमरीका के आगे घुटने टेक दिए.












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