ब्रिटेन में बच्चों को पढ़ाई के लिए रिश्वत
एक सर्वेक्षण में पता चला है कि बच्चों को पढ़ाई के प्रति आकर्षित करने के लिए अभिभावक उन्हें रिश्वत के तौर पर टीवी देखने या कम्प्यूटर के इस्तेमाल की इजाजत देते हैं।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक शिक्षकों और अभिभावकों दोनों का मानना है कि प्रौद्योगिकी बच्चों को पढ़ाई से दूर कर रही है और कई वयस्क किताबों से बहुत जल्दी ऊब जाते हैं। इस सर्वेक्षण में 1,000 से ज्यादा वयस्कों ने हिस्सा लिया था।
सर्वेक्षण बताता है कि 10 अभिभावकों में से छह (59.4 प्रतिशत) और 10 में से आठ से ज्यादा शिक्षक (85.4 प्रतिशत) मानते हैं कि बच्चे किताब पढ़ने की बजाए कम्प्यूटर पर काम करना ज्यादा पसंद करते हैं।
आधे से ज्यादा अभिभावकों (57.2 प्रतिशत) का कहना है कि उन्हें चिंता है कि डिजीटल मीडिया पढ़ने की आदत की जगह ले रहा है। चार में से तीन (76.6 प्रतिशत) अभिभावक मानते हैं कि मन भटकाने वाले इतने साधनों की मौजूदगी में उनके बच्चों के लिए पढ़ाई में समय बिताना बहुत मुश्किल है।
सर्वेक्षण में बच्चों से उनकी पढ़ने की रुचि के विषय में भी पूछा गया। अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर बच्चे किताब पढ़ने की बजाए कम्प्यूटर पर गेम खेलना, इंटरनेट पर काम करना या टीवी देखना ज्यादा पसंद करते हैं।
लगभग दो तिहाई (61.9 प्रतिशत) बच्चे मानते हैं कि ये गतिविधियां पढ़ने की अपेक्षा ज्यादा रोचक हैं। एक तिहाई (37.3 प्रतिशत) बच्चे मानते हैं कि उनके लिए घर पर किताबें पढ़ना एक खेल खेलने जैसा है जबकि 22 प्रतिशत बच्चे मानते हैं कि उन्हें घर पर किताबें पढ़ना उबाऊ लगता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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