ये क्या बोल गए शरद बाबू

चुनाव प्रचार में आरोप-प्रत्यारोप तो अब साधारण बातें हो गई हैं. अब चुनाव प्रचार में एक-दूसरे को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति इतनी बढ़ गई है कि मर्यादाओं की परवाह बेमानी हो गई है.ऐसा पहले भी कई बार हुआ है, जब विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे पर शब्दबाण चलाने के चक्कर में किसी चीज़ की परवाह नहीं करते.
सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ. बिहार में चुनाव प्रचार करते समय जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव कुछ ऐसा कह गए, जो कांग्रेस पार्टी को काफ़ी नागवार गुज़री है.फतुहा में चुनाव प्रचार करते समय शरद यादव ने नेहरू-गांधी परिवार पर तो निशाना साधा ही, अपनी रौ में ये भी कह गए कि राहुल गांधी को गंगा नदी में फेंक देना चाहिए.
शरद यादव ने कहा, "मोतीलाल, जवाहरलाल, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी. नया बबुआ आया है. क्या जानता है. पेपर पर लिख कर दे दिया, पढ़ दिए. बदकिस्मत देश है. तुम्हें उखाड़कर गंगा में बहाना चाहिए था. लेकिन बीमार लोग हैं."अपने भाषण के क्रम में उन्होंने आस्तीन चढ़ाने की राहुल गांधी की नकल भी की.
कांग्रेस पार्टी ने इस पर कड़ी आपत्ति की है और चुनाव आयोग से अपील की है कि वह शरद यादव के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्र ने कहा, "गांधी-नेहरू परिवार के ख़िलाफ़ इस बयान की हम निंदा करते हैं. चुनाव आयोग को इस पर ध्यान देते हुए उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए."उन्होंने आरोप लगाया कि शरद यादव का ये बयान न सिर्फ़ अपमान है बल्कि आपराधिक भी है.












Click it and Unblock the Notifications