पाकिस्तानी रास्तों का इस्तेमाल बंद कर सकता है नाटो
ब्रिटिश समाचार पत्र 'न्यूज इंटरनेशनल' के मुताबिक नाटो सेना के काफिलों पर बढ़ते आतंकी हमलों और पाकिस्तान में बाढ़ के कारण कई पुलों और रास्तों के बह जाने के कारण नाटो सेना अफगानिस्तान में सामग्री पहुंचाने के लिए नए रास्तों की तलाश के लिए बाध्य हुई है।
अफगानिस्तान में मौजूद नाटो सेनाओं को युद्ध सामग्री पहुंचाने के लिए पाकिस्तान से गुजरने वाले रास्ते प्रमुख जरिया हैं। दूरी कम होने के कारण नाटो सेना के 75 प्रतिशत गोलाबारूद, वाहन, राशन और ईंधन इन्ही रास्तों से भेजे जाते हैं।
आपूर्ति की यह सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले में अमेरिका पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा है।
30 सितम्बर को एक हैलीकाप्टर हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने नाटो सेनाओं द्वारा अफगानिस्तान तक आपूर्ति के लिए उपयोग किए जा रहे एक रास्ते के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के शिकरपुर जिले में गुरुवार रात को तालिबानी आतंकियों ने नाटो सेना के करीब 100 वाहनों और तेल के 27 टैंकरों को आग लगा दी थी।
पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने कुछ सप्ताह पहले कहा था कि नाटो सेना अपने आपूर्ति के रास्तों की सुरक्षा के लिए स्वयं जिम्मेदार है। पाकिस्तान देश में प्रतिदिन चलने वाले चार हजार ट्रकों को सुरक्षा उपलब्ध नहीं करा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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