पाक में 'कसाब' बनने का प्रशिक्षण ले रहें ब्रिटिश युवक
रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी मुस्लिम युवकों के पास ब्रिटेन के पासपोर्ट हैं। बताया गया है कि ये लोग पाकिस्तान के अशांत कबायली क्षेत्र का कई बार दौरा कर चुके हैं और इस दौरान इन्हें अलकायदा व संबंधित आतंकी संगठनों की ओर प्रशिक्षण दिया गया।
स्थानीय समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' के अनुसार पश्चिमी देशों के खुफिया अधिकारियों ने बताया कि इन युवकों को अत्याधुनिक हथियार चलाने और विस्फोटकों के जरिए धमाके करने का तरीका सिखाया जा रहा है। इन लोगों को प्रमुख निशाना लंदन है। इसके साथ ही इन लोगों की फ्रांस और जर्मनी के शहरों को भी निशाना बनाने की योजना थी।
इस्लामाबाद में मौजूद एक खुफिया अधिकारी ने बताया, "हमारा मानना है कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी शिविरों में 15 से 20 की संख्या में ब्रिटिश नागरिक हैं।"
यह पूरा खुलासा उस समय हुआ जब अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने पाकिस्तान के उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान में अलकायदा के प्रशिक्षण शिविरों को चालक रहित विमानों ड्रोन से हवाई हमले किए।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक आतंकवादियों ने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी को दहलाने की साजिश रची थी। आतंकवादियों की योजना इन देशों के बड़े शहरों में पहले सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी करके बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाने की थी। इसके बाद इन लोगों ने बड़ी इमारतों में घुसकर तांडव मचाने की भी सोची थी।
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई5 इन आतंकवादियों के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान के सार्वजनिक होने से दिक्कत महसूस कर रही है। उसका कहना है कि पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचना अभी बाकी था। एक अधिकारी ने कहा, "इस पूरे नेटवर्क के तार पाकिस्तान सहित स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हैं।"
खुफिया अधिकारियों का कहना है कि ब्रिटेन और अमेरिका की खुफिया एजेंसिया इस साजिश के बारे में अभी पूरी जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाई थीं। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ये आतंकवादी यूरोप के कई अन्य देशों को भी निशाना बना सकते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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