फिर गरमाया उमा की वापसी का मामला
नई दिल्ली, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ पूजा अर्चना के लिए सोमनाथ गईं मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार फिर अपनी घर वापसी की अटकलों को हवा दे दी है।
यूं तो उमा की भाजपा में वापसी की अटकलों की खबरें सदाबहार हुआ करती हैं और गाहें-बगाहे हर दो महीने के बाद ऐसी अटकलों का मौसम आ ही जाता है लेकिन अंतत: यह फुस्स भी हो जाया करता है। कहा जाता है कि दिल्ली में बैठे और मध्य प्रदेश के कुछ नेता उमा की घर वापसी की खबर मिलते ही पार्टी दरवाजे पर सांप की तरह फन फैलाए बैठ जाते हैं। यह दीगर बात है कि आडवाणी उन्हें अपने साथ सोमनाथ ले जाते हैं और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी खुद विभिन्न मंचों से उनकी वापसी की संभावनाओं को इंकार नहीं करते।
वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह की भाजपा में वापसी के बाद उमा की पार्टी में वापसी की अटकलों को और बल मिला है। वैसे भाजपा में वापसी से पहले जसवंत भी आडवाणी के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के निधन के मौके पर जयपुर गए थे। उमा इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के पिता के निधन पर आडवाणी के साथ रायपुर गई थीं।
उमा की पार्टी में वापसी के सवाल पर आडवाणी भी स्पष्ट बोल नहीं बोलते। उमा को अपने साथ सोमनाथ ले जाना उमा के प्रति उनके लगाव को जाहिर करता ही है साथ ही यह भी संकेत करता है कि वह कम से कम इसके विरोध में तो नहीं हैं लेकिन इस मसले पर साफ-साफ बोलने से वह भी परहेज करते हैं।
उमा की वापसी के बारे में पूछे जाने आडवाणी ने सोमनाथ में सिर्फ इतना ही कहा, "उन्होंने मेरे साथ सोमनाथ आने की इच्छा जाहिर की थी और यही वजह है कि वह यहां हैं।"
पार्टी के प्रवक्ता और किसी जमाने में उमा के बेहद करीबी रहे शाहनवाज हुसैन कहते हैं, "यह इबादत है और इबादत में राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए।"
पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर इस बारे में कहते हैं, "अटकलें तो अटकलें हैं, अटकलों का क्या।"
बहरहाल, उमा के इसी प्रकार के कदम से दिल्ली और मध्य प्रदेश में बैठे उनके धुर विरोधी नेता नाराज और भयभीत होकर सक्रिय हो जाते हैं और संघ के चाहने के बावजूद पार्टी में उनकी वापसी टल जाती है।
उमा को बेहद करीब से जानने वाले उनके एक पूर्व सहयोगी ने कहा, "उमा न चाहते हुए भी कुछ ऐसे आत्मघाती कदम उठा लेती हैं, जिससे बनी हुई बात बिगड़ जाती है। पिछले दिनों पार्टी में उनकी वापसी लगभग तय हो गई थी लेकिन इससे पहले ही उमा ने मध्य प्रदेश के कुछ नेताओं से जाकर मुलाकात कर ली और उन नेताओं ने उमा की वापसी के संदर्भ में खुलकर बयानबाजी कर दी। यह कदम उनके लिए आत्मघाती साबित हुआ।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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