कश्मीर में पथराव करने वालों को रिहा किया जाएगा : सीसीएस (लीड-1)
सीसीएस का यह निर्णय 39 सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के आकलन पर आधारित है, जिसने हाल ही में जम्मू एवं कश्मीर का दौरा किया था।
राज्य के कुछ जिलों से सशस्त्र सेना विशेष शक्तियां अधिनियम (एएफएसपीए) को हटाए जाने की मांग पर हालांकि कोई घोषणा नहीं हुई है।
चिदम्बरम ने कहा कि एएफएसपीए पर सबसे पहले राज्य के यूनीफाइड कमांड से सुझाव लिए जाएंगे।
बहरहाल, सीसीएस द्वारा लिए गए कुछ अन्य निर्णय इस प्रकार हैं :
- राज्य में सुरक्षा बलों की तैनाती की समीक्षा की जाएगी।
- राज्य में बंकरों और अन्य सुरक्षा चौकियों की समीक्षा की जाएगी।
- हाल की हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।
- राज्य में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के नवीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
- राज्य में अधोसंरचना संबंधी परियोजनाओं के अध्ययन के लिए एक कार्य बल की नियुक्ति की जाएगी।
ज्ञात हो कि कश्मीर घाटी में 11 जून से शुरू हुए हिंसा के दुष्चक्र के बाद एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू एवं कश्मीर का दौरा किया। पिछले तीन महीनों के दौरान सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने वाली भीड़ पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कम से कम 108 लोग मारे जा चुके हैं। मृतकों में अधिकांश युवक और किशोर शामिल हैं।
चिदम्बरम ने कहा कि सभी घोषणाएं कुछ दिनों में लागू कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन कदमों में जम्मू एवं कश्मीर की जनता के साथ-साथ अलगाववादियों की चिंताओं को भी शामिल किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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