अयोध्या विवाद : फैसला टलने पर लोगों में मिलीजुली प्रतिक्रिया
जहां कुछ लोगों का मानना है कि दोनों पक्षों को बातचीत से विवाद सुलझ्झाने के बारे में सोचने का एक मौका मिल गया है वहीं कुछ की राय है कि उच्चतम न्यायालय का फैसला साठ साल लंबे इस विवाद को और लंबा खींचेगा।
रकाबगंज इलाके में रेडीमेड कपड़ों का शोरूम चलाने वाले मनोहर गुप्ता ने आईएएनएस से कहा कि मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद दोनों पक्षों को सोचने का एक और मौका मिल गया जिससे कि वे अदालत से बाहर आपस में सुलह कर सकें।
अयोध्या के हनुमान गढ़ी इलाके में कैसेट और सीडी के दुकान चलाने वाले विश्वास कुमार कहते हैं कि इस मामले का बातचीत से निपटारा करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन मुश्किल काम असंभव नहीं होता। यदि सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला टाला है तो उसके पीछे उसकी कोई मंशा रही होगी। उम्मीद की किरण है कि आपसी समझ्झौते से इस विवाद का निपटारा हो।
एक सरकारी स्कूल के शिक्षक दीपक कुमार कहते हैं कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए इस विवाद की मुख्य पार्टियां पहले ही बातचीत के जरिए सुलह से इंकार कर चुकी हैं। मुझ्झे नहीं लगता कि अगले कुछ दिनों में उनका हृदय परिवर्तन हो जाएगा।
अयोध्या के साकेत महाविद्यालय में बी.ए. के छात्र राहुल सिंह का कहना है कि इस विवाद का फैसला जल्दी से आ जाना चाहिए। इसके मद्देनजर स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षा बलों के अस्थायी शिविर और अस्थायी जेलें भी बनाई गईं जिसके फलस्वरूप पिछले काफी समय से स्कूल और कॉलेजों में शिक्षण कार्य व पढ़ाई प्रभावित होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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