अयोध्या विवाद : भाजपा नेता ने त्रिपाठी पर उठाए सवाल
त्रिपाठी ने ही अयोध्या विवाद पर 24 सितम्बर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ की ओर से आने वाले फैसले को टालने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसला देने पर 28 सितम्बर तक रोक लगा दी।
प्रसाद ने समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "उच्च न्यायालय ने सुलह के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश की थी लेकिन उस वक्त वह (त्रिपाठी) अदालत में हाजिर नहीं हुआ। हो सकता है कि राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर कोई कुछ खेल कर रहा है।"
प्रसाद ने चैनल से बातचीत से पहले ही स्पष्ट कर दिया कि वह भाजपा नेता के रूप में नहीं बल्कि एक वकील की हैसियत से बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "कैसे कोई अजनबी जो कि गंभीर नहीं है, मसले को बाधित कर सकता है। उच्च न्यायालय में सुनवाइयों के दौरान वह कभी भी हाजिर नहीं हुआ।"
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एस. क्यू. आर. इलियास ने कहा कि उन्हें अदालत के फैसले से निराशा हुई।
उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता शुक्रवार को फैसला आने का इंतजार कर रही थी।"
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वकील जफरयसार जिलानी ने लखनऊ में कहा, "मुझे नहीं लगता कि अब सुलह की कोई संभावना है।"
उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले में त्रिपाठी एक महत्वहीन व्यक्ति है। "वह गंभीर नहीं हैं।" उन्होंने कहा कि जो भी हो सर्वोच्च न्यायालय का फैसले का सम्मान होना चाहिए। "यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय का है इसलिए हमें इसका सम्मान करना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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