अयोध्या पर फैसला स्वीकार करने को तैयार : अंसारी (लीड-1)
उन्होंने कहा, "मैं सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। अयोध्या विवाद पर सभी मुसलमान हर कीमत पर अदालत का आखिरी फैसला मानेंगे भले ही उनके खिलाफ ही आए, लेकिन हम चाहते हैं कि इस मसले का निपटारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में ही हो।"
अंसारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करके समझ्झौता करने की बात करने वाले ये लोग अभी तक तक कहां थे।
अंसारी ने कहा कि अब अयोध्या विवाद मजहबी नहीं बल्कि सियासी मसला बन चुका है। मुसलमान शांति और सद्भाव स्थापित करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम यह सुनिश्चित करें कि कि इस फैसले का हिंदू-मुस्लिम एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अयोध्या विवाद पर 24 सितम्बर को आने वाले इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के फैसले पर सर्वोच्च न्यायालय ने फिलहाल रोक लगा दी है। शुक्रवार को अब इस मामले पर लखनऊ पीठ का फैसला नहीं आएगा। सर्वोच्च न्यायालय में अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितम्बर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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