पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बाढ़ का प्रकोप, राजमार्ग बंद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में हो रही भारी बारिश से रामगंगा व कोसी नदियां उफान पर आ गई हैं, जिससे सात जिलों के 100 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। बिजनौर में राष्ट्रीय राजमार्ग(एनएच)-74 व मुरादाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पानी में डूबने से सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 120 मिलीमाटर, बिजनौर में 100 मिलीमीटर, मेरठ में 42, बदांयू में 54 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश व उत्तराखण्ड राज्य की सीमा पर बने कालागढ़ बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण रामगंगा नदी उफान पर आ गई है।
नेहतौर के पास दिल्ली-हरिद्वार एनएच 24 पानी में डूबने से मार्ग बंद हो गया। अब वाहनों को काशीपुर होकर हरिद्वार भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामगंगा का पानी धामपुर तहसील के करीब 10 गांवों में प्रवेश कर गया है। उधर रामगंगा नदी का पानी मुरादाबाद में कोसी नदी में जाकर मिलने से कोसी भी उफना गई है, जिससे जिले के करीब 40 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित गांववालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मूढ़ापांडे के पास दिल्ली-लखनऊ एनएस 24 में कोसी के पानी में डूब गया, जिससे यातायात ठप्प पड़ गया है। वाहनों को बिलारी कस्बे से रामपुर होते हुए दिल्ली भेजा रहा है।
इसके अलावा रामपुर, बरेली, अमरोहा, शाहजहांपुर और फरूखाबाद में भी रामगंगा व कोसी उफना गई है, जिससे इन जिलों के निचले इलाकों के करीब 40-50 गांव जलमग्न हो गए हैं। यहां प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित किया है। इन जिलों में बारिश के चलते रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।
उधर उत्तराखण्ड स्थित बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण उफनाई घाघरा नदी पहले ही बाराबंकी, गोंडा, बहराइच और सीतापुर में कहर बरपा रही है। घाघरा पिछले करीब एक महीने से लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं प्रदेश में लगातार बरसात का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है।












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