हरियाणा सरकार ने जाटों को मनाया, अंतिम निर्णय केंद्र सरकार पर
सिरसा| जाट आरक्षण को लेकर हरियाणा में करोड़ों रूपए की सरकारी संपत्ति खाक होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जाटों से समझौते कर लिया। यह मामला एक बार तो शांत हो गया है लेकिन जाटों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने वादा खिलाफी तो वे दिल्ली में हो रहे कॉमनवैल्थ गेम्स को निशाना बना सकते हैं।
फिलहाल राज्य सरकार ने आरक्षण का मामला केंद्र को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार अप्रैल माह में ही जाटों को आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश कर चुकी है। अब आरक्षण का फैसला केंद्र सरकार को लेना है। जाट महासभा और प्रदेश सरकार के बीच मंगलवार को प्रारंभिक समझौता हो गया है।
समझौते के मुताबिक मृतक सुनील के परिजनों को सरकार और कांग्रेस कमेटी की तरफ से दस-दस लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा जाट महासभा के महासचिव के मुताबिक, सुनील को शहीद का दर्जा दिया जाएगा और उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी। महासभा ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। अब आरक्षण की मांग को लेकर नए सिरे से आंदोलन शुरू कियो जैनो की संभावना है।
बोर्ड की परीक्षाएं टलीं
जाट आरक्षण आंदोलन और प्रदेश में आई बाढ़ ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की शैक्षिक और ओपन स्कूल की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मंगलवार देर शाम इस संबंध में शिक्षा बोर्ड के सचिव शेखर विद्यार्थी ने बताया कि 15 सितंबर से शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित हो गई हैं। प्रदेश में परीक्षाएं 22 सितंबर से शुरू होंगी।












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