कथित घोटालों की जांच कर रहे आयोग के अध्यक्ष बने न्यायामूर्ति कांडपाल
इस पद पर नियुक्ति की घोषणा के बाद संवाददाताओं से बातचीत में न्यायामूर्ति कांडपाल ने कहा कि वह इन मामलों को अभी घोटाला नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि इसे अभी शिकायत कह सकते हैं। जांच करेंगे उसके बाद ही साबित हो पाएगा कि यह घोटाला है या नहीं।
सरकार ने औपचारिक रूप से बुधवार को इस आशय की घोषणा की। मुख्य सचिव द्वारा नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा गया है कि 56 घोटलों की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष के रूप में उच्च न्यायालय से सेवानिवृत हुए न्यायामूति बी. सी. कांडपाल को नया अध्यक्ष बनाया गया है। न्यायामूर्ति कांडपाल की नियुक्ति के साथ ही आयोग के कार्यकाल को छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। न्यायामूर्ति कांडपाल इस पद पर आने वाले चौथे अध्यक्ष हैं।
कांडपाल की यह नियुक्ति आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश शंभूनाथ श्रीवास्तव के स्थान पर की गई है। उन्होंने पत्र लिखकर सरकार से इस पद से हटने की इच्छा व्यक्त की थी। श्रीवास्तव अपने एक अन्य दायित्व के तहत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में काम करते रहेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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