हिंसा के बाद हिसार में जनजीवन सामान्य
हिसार के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक पंकज न्यान ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, "जिले से कर्फ्यू हटा लिया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने के साथ ही करीब 90 प्रतिशत सड़कों पर आवागमन सुचारु हो गया है।"
गौरतलब है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य सोमवार को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में आरक्षण और अपने को पिछड़े वर्ग में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे थे। मंगलवार को ये हिंसा पर उतारू हो गए।
इस दौरान उन्होंने सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। हंगामा बढ़ता देख पुलिस को उनपर फायरिंग करनी पड़ी। जिसमें प्रदर्शनकारी सुनील लाम्बा की मौत हो गई थी। स्थिति बिगड़ते देख शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। मंगलवार शाम को प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर राज्य सरकार का भरोसा मिलने पर प्रदर्शन स्थगित कर दिया।
वहीं, हालात पर काबू पाने में असफल साबित होने पर पुलिस अधीक्षक पद से हटाए गए सुभाष यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया और उनकी जगह कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक के रूप में पंकज न्यान की तैनाती की गई।
कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक ने बताया, "स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सभी संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। लोग हमेशा की तरह काम पर निकलने लगे हैं, जबकि दुकानें खुली हैं। फिर भी कुछ स्थानों पर अभी तनाव है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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