हमें कश्मीरी युवकों में विश्वास जगाने की जरूरत है : सोनिया
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गांधी ने कहा, "हमें पता है कि राज्य में और राज्य की सीमा के पार कुछ विरोधी ताकतें हैं, और हम इस बात को समझते हैं कि हमारी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में हमारी पुलिस और हमारे सुरक्षा बलों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।"
यह बैठक घाटी के हिंसक हालात को सामान्य बनाने के उपायों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सात रेस कोर्स स्थित आवास पर बुलाई गई। कश्मीर में 11 जून से शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में अब तक 88 लोग मारे जा चुके हैं।
सोनिया गांधी बैठक में कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही थीं। उन्होंने कहा, "लेकिन हमें खुद से यह सवाल करना चाहिए कि वहां क्यों इतना गुस्सा है। वहां क्यों इतनी पीड़ा है, वह भी खासतौर से युवकों में।"
गांधी ने कहा, "युवक खासतौर से उस पीढ़ी से संबद्ध हैं, जो हिंसा और क्रूरता के माहौल में पले-बढ़े हैं। हमें उनमें विश्वास जगाना चाहिए। हमें उन्हें समझना चाहिए और उनकी उचित आकांक्षाओं का आदर करना चाहिए।"
गांधी ने आगे कहा, "हम जो कुछ कहें और निर्णय लें, उसमें यह बात दिखाई देनी चाहिए। हमें अपने दृष्टिकोण में परिपक्व व उदार होना चाहिए, ताकि विश्वास मजबूत हो और समग्र लोकतंत्र स्थापित हो।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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