नेपाली मुस्लिमों ने दी तीसरे विश्व युद्ध की चेतावनी

Namaz
काठमांडू। अमेरिका के एक पादरी की 9/11 के आतंकवादी हमले की नौवीं बरसी पर कुरान की प्रतियां जलाने की योजना पर उठे विवाद में शामिल होते हुए नेपाल के मुस्लिमों ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने से ईसाइयों और मुसलमानों के बीच खाई पैदा हो जाएगी और 'धर्म के नाम पर तीसरा विश्व युद्ध' शुरू हो सकता है।

नेपाल की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी नेपाली कांग्रेस से जुड़े संगठन 'मुस्लिम संघ नेपाल' ने एक बयान में कहा, "फ्लोरिडा के पादरी टैरी जोन्स की अमेरिका पर आतंकवादी हमले की नौवीं बरसी पर कुरान की प्रतियां जलाने की घोषणा की हम निंदा करते हैं।"

बयान में कहा गया, "11 सितम्बर का हमला आतंकवादियों ने किया, जिनका कोई धर्म या समुदाय नहीं होता। कुरान की प्रतियां जलाना मुस्लिम समुदाय को उकसाने का प्रयास होगा और एक शर्मनाक कार्य के तौर हम इसकी निंदा करते हैं।"

संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुहम्मद निजामुद्दीन ने कहा, "हम संबंधित अधिकारियों से इसको रोकने और अपराधियों को दंडित करने का आग्रह करते हैं।" निजामुद्दीन ने कहा, "पादरी हिचकिचा रहा है कि वह आगे बढ़े या नहीं। यदि उसे कल कुरान की प्रति जलाने दी गयी तो इससे मुस्लिम, ईसाइयों के खिलाफ हो सकते हैं और इससे धर्म के आधार पर तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है।"

संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब में शुक्रवार को ईद मनाई जा रही है लेकिन नेपाल में ईद शनिवार को मनाई जाएगी। नेपाल वर्ष 2006 में धर्मनिरपेक्ष गणराज्य बना और ईद के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया।

नेपाल के धर्मनिरपेक्ष गणराज्य घोषित होने के बाद से इस्लाम सबसे तेजी से बढ़ता हुआ धर्म है। वर्ष 2001 में हुई अंतिम जनगणना के अनुसार देश की कुल आबादी का 4.2 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम है। निजामुद्दीन ने कहा कि अब देश की करीब 2.9 करोड़ की आबादी में मुसलमानों की संख्या 22 से 28 लाख के बीच है।

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