झामुमो के समर्थन से झारखण्ड में भाजपा बनाएगी सरकार (राउंडअप)
रांची, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्थन से झारखण्ड में सरकार बनाने का मंगलवार को दावा पेश कर दिया। भाजपा नेता अर्जुन मुंडा राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे।
जानकार सूत्रों ने कहा कि राज्यपाल एम.ओ.एच.फारूक राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करने के लिए राष्ट्रपति शासन हटाए जाने की सिफारिश कर सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि फारूक बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रदेश के राजनीतिक हालात पर एक रिपोर्ट भेजेंगे। उन्होंने मंगलवार को कानूनी विशेषज्ञों से सलाह मशविरा भी किया।
सूत्रों ने यह भी बताया कि राज्यपाल को सौंपे गए समर्थन पत्र में विधायकों के हस्ताक्षरों का विधानसभा के रिकॉर्ड से मिलान कराया गया।
ज्ञात हो कि झारखण्ड में दो जून से राष्ट्रपति शासन लागू है।
इसके पहले भाजपा विधायक दल के नेता अर्जुन मुंडा ने राज्यपाल से मुलाकात की और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान मुंडा के साथ भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रघुबर दास, झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन, आजसू के नेता सुदेश महतो उपस्थित थे।
मुंडा ने फारूक को 81 सदस्यीय विधानसभा में 45 विधायकों के समर्थन की सूची सौंपी।
मुंडा ने संवाददाताओं से कहा, "हमने 45 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी है। इस दौरान 44 विधायक राजभवन में मौजूद थे।"
भाजपा ने अर्जुन मुंडा को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना। इसके पहले रघुबर दास ने इस पद से इस्तीफा दिया।
दास ने कहा, "मैंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के निर्देश पर विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दिया।"
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मुंडा और रघुबर दास ने झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन से मुलाकात की। उसके बाद सोरेन ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने सरकार बनाने के लिए मुंडा को अपना आशीर्वाद दिया है।"
सोरेन से मुृलाकात के बाद भाजपा, झामुमो, आजसू, जनता दल (युनाइटेड) के विधायक तथा दो निर्दलीय विधायक राज भवन गए।
यह 10 महीने के भीतर दूसरा मौका है, जब भाजपा और झामुमो राज्य में सरकार बनाने के लिए एकजुट हुए हैं। राज्य में पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर में चुनाव हुआ था और शिबू सोरेन 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री बने थे।
संसद में भाजपा द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव के खिलाफ सत्ताधारी कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के बाद भाजपा ने सोरेन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। उसके बाद सोरेन ने 30 मई को इस्तीफा दे दिया था।
उसके बाद झामुमो राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हुई थी, लेकिन बाद में वह पीछे हट गई। चूंकि अब पड़ोसी राज्य बिहार में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव हो रहे हैं, लिहाजा भाजपा और झामुमो ने एकजुट होने का फैसला किया है।
81 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा के 18, झामुमो के 18, आजसू के पांच और जद (यु) के दो सदस्य हैं। दो निर्दलीय विधायकों चमरा लिंडा और विदेश सिंह ने मुंडा को समर्थन दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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