हड़ताल से देश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित (लीड-2)

वाम मोर्चा समर्थित राज्यों पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और केरल में बंद का व्यापक असर रहा। तमिलनाडु जैसे राज्यों में बंद का मिलाजुला और कर्नाटक में मामूली प्रभाव पड़ा।

वित्तीय राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हड़ताल का असर अपेक्षाकृत कम रहा लेकिन आटो रिक्शा चालकों के हड़ताल में शामिल होने से दोनों शहरों में यात्रियों को कुछ परेशानी अवश्य हुई।

कांग्रेस समर्थित राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के अध्यक्ष जी.संजीव रेड्डी ने कहा कि आठ मजदूर संघों की एक दिवसीय हड़ताल में पूरे देश के 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का समर्थन हासिल है।

राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की समन्वय समिति के संयोजक रेड्डी ने हैदराबाद में आईएएनएस से कहा, "हड़ताल 99 प्रतिशत सफल रही है।"

उन्होंने कहा कि बैंक, बीमा, कोयला, ऊर्जा, दूरसंचार, बंदरगाह, परिवहन और पेट्रोलियम के संगठित क्षेत्र के करीब 10 करोड़ कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया।

रेड्डी ने दावा किया कि हड़ताल के लिए उनको कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का समर्थन हासिल है।

उन्होंने कहा कि व्यापार संगठनों की सौदेबाजी की क्षमता की बहाली के लिए हड़ताल की गई।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 के दशक के शुरू में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बड़े व्यापारिक संस्थानों के पक्ष में अपनाई गई गैर जिम्मेदाराना नीतियों के कारण श्रमिकों की स्थिति कमजोर हुई।

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने वाम दलों से जुड़ी ट्रेड यूनियनों 'सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन' (सीटू) और आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) का सहयोग क्यों लिया, रेड्डी ने कहा, "हम सौदेबाजी की अपनी क्षमता बहाल करना चाहते हैं।"

रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सरकार के अन्य नेता श्रमिकों की मांगों पर चर्चा करने के इच्छुक हैं।

उन्होंने कहा कि हड़ताल केवल केंद्र सरकार नहीं वरन् राज्यों और केंद्र दोनों की नीतियों के विरोध में है।

हड़ताल की वजह से पश्चिम बंगाल में हवाई और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हड़ताल करने वाले मजदूर संगठनों में वामदलों और कांग्रेस से जुड़े संगठन भी शामिल हैं।

कोलकाता के लिए और कोलकाता से रवाना होने वाली निजी कंपनियों की 129 उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गईं थीं। बहरहाल सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया की 10 उड़ानें नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुईं।

उत्तरी 24 परगना जिले में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं के तृणमूल समर्थकों को दुकानें खोलने से रोकने के कारण हुए संघर्ष में दो लोग घायल हो गए। कुछ अन्य इलाकों में भी माकपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में झड़पों की खबरें हैं।

बैंक, अन्य कार्यालय और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद हैं। हड़ताल से बाहर रखने के कारण रेल और मेट्रो रेल सेवाएं सामान्य हैं। यात्रियों को परिवहन का केवल यही एकमात्र साधन उपलब्ध है।

हड़ताल में आटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के भी शामिल होने के कारण मुंबई के यात्रियों को मंगलवार सुबह परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरीय इलाकों में अधिकांश आटो रिक्शा बंद रहे जबकि दक्षिणी मुंबई में कुछ निजी टैक्सियों को चलते देखा गया।

हड़ताल में बैंक कर्मचारियों की यूनियनों के भी शामिल होने से मुंबई में बैंकों की शाखाओं और मुख्यालयों में काम प्रभावित हुआ है।

पुलिस ने कहा कि पूरे शहर में स्थिति शांतिपूर्ण है और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। व्यापारिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के साथ ही होटल और भोजनालय भी सुबह से खुले हैं।

हड़ताल के कारण वाम मोर्चा के शासन वाले त्रिपुरा में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकांश बाजार, दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान, बैंक और वित्तीय संस्थान बंद रहे। सड़क यातायात ठप्प है और त्रिपुरा से देश के अन्य हिस्सों के लिए रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

हड़ताल के कारण केरल के कार्यालयों में उपस्थिति बहुत कम रही और निजी बसें, टैक्सियां तथा आटो रिक्शा बंद हैं। जहरीली शराब पीने से सोमवार को 23 लोगों की मौत होने के कारण मलप्पुरम जिले को बंद से मुक्त रखा गया।

बंद के कारण तमिलनाडु कपड़ा उद्योग और चेन्नई से घरेलू उड़ानें प्रभावित हुईं जबकि शिक्षण संस्थान खुले रहे। तिरुपुर और कोयम्बटूर के करीब तीन लाख कपड़ा मजदूर हड़ताल में हिस्से ले रहे हैं।

तिरुचिरापल्ली में गोल्डेन रॉक रेलवे इकाई के करीब 4,000 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं।

मजदूर संगठनों की हड़ताल से मंगलवार को असम में जनजीवन प्रभावित हुआ लेकिन चाय और तेल उत्पादन क्षेत्र इससे अछूता रहा। हड़ताल का प्रमुख असर परिवहन क्षेत्र पर देखा गया। बसें, ट्रक और टैक्सियां सड़कों से दूर हैं।

मजदूर संगठनों की हड़ताल के कारण हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बैंक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

अधिकांश निजी होटल, बैंक और सरकारी बीमा कंपनियों के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के कार्यालय भी बंद हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कर्मचारी बहरहाल हड़ताल में शामिल नहीं हुए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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