बंधक पुलिसकर्मियों की तलाश के लिए अभियान तेज
नक्सलियों ने बंधक बनाये गए पुलिसकर्मियों के बदले आठ साथियों की रिहाई के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे तक का समय दिया है।
राज्य पुलिस मुख्यालय के अनुसार सुरक्षा बलों ने जिस पहाड़ी श्रृंखला की घेराबंदी की है, उसी में नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों के होने की संभावना है।
राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि पटना लौट आए पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) क़े एस़ द्विवेदी को अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हेलीकॉप्टर को भी तैयार रखा गया है।
अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), विशेष कार्य बल (एसटीएफ), बिहार सैन्य बल (बीएमपी) तथा कोबरा बटालियन को लगाया गया है।
भागलपुर के क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक ए़े क़े अंबेडकर ने कहा कि नक्सलियों के चंगुल में फंसे पुलिसकर्मियों को निकालने के लिए ऑपरेशन जारी है। भीमबांध तथा शीतला कोड़ासी के जंगलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
उधर प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मुंगेर-जमुई-लखीसराय जोन के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने गुरुवार शाम को स्थानीय चैनलों से बात करते हुए दावा किया था कि सहायक पुलिस निरीक्षक एवं मानिकपुरा थाना के प्रभारी अभय कुमार यादव की हत्या कर दी गई है।
रविवार को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया था। नक्सलियों के प्रवक्ता अविनाश का दावा है है कि राज्य के दो पुलिस निरीक्षक (एसआई) और बिहार सैन्य बल (बीएमपी) के दो जवान उनके कब्जे में हैं। बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय), ऐहतशाम खान (मांडर, रांची) तथा लुकस टेटे (सिमडेगा, झारखंड) के निवासी हैं।
नक्सलियों ने बंधक बनाये गए पुलिसकर्मियों को छोड़ने के एवज में सरकार के सामने पहले बुधवार को चार बजे शाम तक तथा बाद में गुरुवार को दस बजे दिन तक का समय दिया था। नक्सलियों ने अब शुक्रवार दस बजे दिन तक जेल में बंद अपने आठ साथियों केा छोड़ने की शर्त रखी है। ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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