भारत सरकार के सामने ब्लैकबेरी ने घुटने टेके
नई दिल्ली। लंबे समय से भारत सरकार को अपना सर्विस डाटा उपलब्ध कराने में आनाकानी कर रही ब्लैकबेरी फोन निर्माता कंपनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने सोमवार को भारत सरकार के दबाव के आगे घुटने टेक दिए। अब उसने कहा है कि सांकेतिक आंकड़े की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निगरानी हेतु कंपनी भारत में एक सर्वर स्थापित करना चाहेगी।
गृह मंत्रालय ने कहा कि ऐसा करने के लिए आरआईएम को अपनी सेवा जारी रखने के लिए और 2 महीने का समय दिया गया है। इसी के साथ पिछले 1 महीने से रिम और गृह मंत्रालय एवं दूरसंचार मंत्रालय के बीच चल रहा गतिरोध थमता दिखाई दे रहा है। दोनों मंत्रालयों और रिम के अधिकारियों ने एक बैठक में मिल कर इस मुद्दे का ये हल ढूंढा।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "यह निर्णय लिया गया है कि दूरसंचार विभाग सिर्फ भारत में स्थित एक सर्वर के जरिए उपलब्ध कराई जा रही इन सभी सेवाओं की संभाव्यता का अध्ययन करेगा।" बैठक की अध्यक्षता गृह सचिव जीके पिल्लै ने की और इसमें दोनों मंत्रालयों के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों ने भी शिरकत की। गौरतलब है कि भारत में ब्लैकबेरी सेवा के 10 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। ज्यादातर उपभोक्ता कॉरपोरेट जगत के बड़े नाम हैं।












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