चिदम्बरम के 'भगवा आतंकवाद' पर हंगामा, कांग्रेस ने दी सफाई (राउंडअप)
जहां इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर तक दो बार स्थगित करनी पड़ी, वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने इंदौर में विरोध प्रदर्शन किया और चिदंबरम का पुतला फूंका। इस बीच कांग्रेस ने कहा कि मुद्दा रंग का नहीं आतंकवाद का है।
सदन की कार्यवाही पहले इसी मुद्दे पर 11.22 बजे तक और बाद में दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही शिवसेना के मनोहर जोशी ने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 'भगवा आतंकवाद' शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई और सरकार से इस पर स्पष्टीकरण की मांग की। भाजपा सदस्यों ने भी उनका साथ दिया।
सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल चलने देने का बार-बार आग्रह किया लेकिन इसे अनसुना किए जाने पर सदन की कार्यवाही 11.22 बजे तक स्थगित कर दी।
पहले स्थगन के बाद कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि वह इस शब्द के प्रयोग पर सदन के बड़े हिस्से की शिकायत को सामने रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चिदम्बरम को अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और ऐसे वक्तव्यों से बचना चाहिए।
भाजपा ने कहा कि देश ने पंजाब में आतंकवाद सहित पिछले तीन दशकों में ऐसी कई समस्याएं देखी हैं और किसी भी समुदाय का उल्लेख करने से बचने का प्रयास किया जाना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में हिंसा तथा नक्सल समस्या से निपटने के बजाए गृह मंत्री एक काल्पनिक घटना के बारे में बात कर रहे हैं, जिसका अस्तित्व ही नहीं है।
इसके बाद लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने कहा कि चिदम्बरम ने एक जिम्मेदार मंत्री के रूप में टिप्पणी की है और 'भगवा आतंकवाद' का अस्तित्व है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
भाजपा सदस्यों ने पासवान की टिप्पणी का विरोध किया। इससे सदन में हंगामा हो गया और कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
उधर, चिदम्बरम के बयान से नाराज हिंदूवादी संगठनों ने इंदौर में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और चिदम्बरम का पुतला फूंका।
हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने रजवाड़े सहित कई अन्य स्थानों पर चिदम्बरम के बयान के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। संगठन का कहना है कि भगवा रंग एक पवित्र रंग है। इसका उपयोग जैन, बौद्घ सहित अनेक धर्मावलंबी करते हैं। चिदम्बरम ने आतंक को भगवा रंग से जोड़कर भावनाओं का अपमान किया है।
रजवाड़े पर पुतला दहन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। वहीं अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारी चिदम्बरम का पुतला फूंकने में सफल रहे।
चिदंबरम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने उनके इस्तीफे की मांग की।
मुंबई में अपराह्न् संवाददाताओं से बातचीत में ठाकरे ने कहा कि जो व्यक्ति आतंकवाद का सही रंग न समझ पाए, उसे मंत्रिमंडल में नहीं बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "इस टिप्पणी के लिए चिदंबरम को इस्तीफा दे देना चाहिए।"
ठाकरे ने कांग्रेस से मांग की कि वह 'भगवा आतंकवाद' जैसे शब्द पर अपना रुख साफ करे।
इस बीच कांग्रेस महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने संवाददाताओं से कहा, "सैफ्रॉन, भगवा या केसरिया कोई मुद्दा नहीं है। मुद्दा आतंकवाद है। आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता। इसका एक मात्र रंग 'काला' ही होता है।"
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी द्विवेदी ने कहा कि चाहे इसे भगवा, हरा, सफेद या लाल कहें, आतंकवाद तो आतंकवाद है।
उन्होंने कहा, "आतंकवाद तो आतंकवाद है और वह जिस भी रूप में सामने आए, इसका विरोध किया जाना चाहिए। भगवा रंग हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है और यह हमारे आजादी के आंदोलन से जुड़ा रहा है। समाज के किसी खास वर्ग का इस पर अकेले अधिकार नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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